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'नक्सलवाद' नहीं खूबसूरत पर्यटन और तीर्थों का गढ़ है छत्तीसगढ़, जंगलों में बसता है प्राकृतिक सौंदर्य

छत्तीगढ़ का नाम आते ही लोगों के जहन में सिर्फ नक्सली इलाकों का खौफ बसता है. शायद इसी खौफ के चलते छत्तीसगढ़ जाने में लोग डरते हैं और आज भी ये सुंदर जगह एक ऑफबीट टूरिस्ट स्पॉट बनी हुई है. 

'नक्सलवाद' नहीं खूबसूरत पर्यटन और तीर्थों का गढ़ है छत्तीसगढ़, जंगलों में बसता है प्राकृतिक सौंदर्य
छत्तीसगढ़ के जंगलों में बसता है प्राकृतिक सौंदर्य (फोटो साभार: @GoChhattisgarh)

गरिमा शर्मा/नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ घने जंगलों और खूबसूरत झरनों का प्रदेश माना जाता रहा है और यहां की प्राकृतिक सुन्दरता देखते ही बनती है. फिर भी हमारे देश में छत्तीगढ़ का नाम आते ही लोगों के जहन में सिर्फ नक्सली इलाकों का खौफ बसता है. शायद इसी खौफ के चलते छत्तीसगढ़ जाने में लोग डरते हैं और आज भी ये सुंदर जगह एक ऑफबीट टूरिस्ट स्पॉट बनी हुई है. पिछले कुछ सालों में यहां के टूरिज्म को बढ़ाने के लिए सरकार ने कई काम किए हैं. यहां के जंगलों में कई ऐसे मंदिर और तीर्थ स्थान हैं जिनकी महिमा के पूरे देश में फैली हुई है. 

जंगलों के बीच बसा है 'जतमाई मंदिर'
मां जतमाई का प्रसिद्ध मंदिर छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों में से एक है जहां प्रकृति की खूबसूरती यहां के मंदिरों में चार चांद लगा देती हैं. जंगलों के बीच बसे होने के बावजूद ये स्थान देवी का एक बहुचर्चित तीर्थ स्थल माना जाता है. इसे 'पहाड़ों वाली देवी का मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है. माता के मंदिर से सटी चट्टानों पर कल कल करता खूबसूरत झरना लोगों का मन मोह लेता है. राजधानी रायपुर से यहां बहुत ही आसानी से पहुंचा जा सकता है. जतमाई मंदिर के पास ही एक छोटा सा बांध भी है जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं. 

कब और कैसे जाएं?
जंगल और झरने के बीच बसा होने की वजह से ये एक अच्छा 'पिकनिक स्पॉट' भी है. सालभर यहां माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांतां लगा रहता है. ऐसे में अगर आप प्रदूषण से दूर कुछ दिन शांति और प्रकृति के बीच रहना चाहते हैं तो इससे अच्‍छी और कोई दूसरी जगह हो ही नहीं सकती. जुलाई से लेकर दिसंबर तक का समय यहां घूमने का सबसे अनुकूल समय होता है. इसके लिए पहले आपको रायपुर आना होगा जो देश के सभी शहरों से हवाई और रेल मार्ग के जरिए जुड़ा हुआ है.  रायपुर से यहां सड़क मार्ग के जरिए बड़ी ही आसानी से पहुंचा जा सकता है. 

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रिसॉर्ट-लॉज की सुविधा भी है उपलब्ध
कहीं घूमने जाना होना तो रहने और खाने- पीने की व्यवस्था ही लोगों की सबसे बड़ी चिंता का कारण होती है. ऐसे में ये बात जानकर आप सबकी चिंता बिल्कुल दूर हो जाएगी कि यहां के राजिम में रिजॉर्ट और लॉज की सुविधा भी है, जो काफी किफायती दामों में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. इसके अलावा जतमाई में भी वहां के वन विभाग का चेतना केंद्र भी सभी पर्यटकों के लिए शिविर का इंतजाम करता है.