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हिमाचल: टूरिजम को बढ़ावा देने के लिए नई पहल, जल्द शुरू हो सकते हैं मल्टीमीडिया 'लाइट शो'

मुख्यमंत्री ने कहा कि मल्टी-मीडिया लाइट और नवीनतम मनोरंजन प्रौद्योगिकी की सहायता से सांस्कृतिक उद्यमों के लिए एक व्यावहारिक मॉडल तैयार किया जा सकता है. 

हिमाचल: टूरिजम को बढ़ावा देने के लिए नई पहल, जल्द शुरू हो सकते हैं मल्टीमीडिया 'लाइट शो'
कुल्लू के पास मोहाल नेचर पार्क, मनाली के निकट बड़ागाह और शिमला रिपोर्टिंग रूम जैसे कुछ स्थान हैं, जहां इस तरह के शो आयोजित किए जा सकते हैं.

मोहित प्रेम शर्मा, शिमला: हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार अतिरिक्त आकर्षण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य के कुछ चुनिंदा स्थानों पर बहुआयामी मल्टी मीडिया ‘लाईट शो’ शुरू करने पर विचार कर रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित अभिनेता, निर्माता एवं मीडिया उद्यमी दीपा साही द्वारा दी गई प्रस्तुति के दौरान यह बात कही. वह माया नगरी वर्डवन कम्पनी की चेयरपर्सन हैं. इस कम्पनी द्वारा गोबिन्दगढ़ किले को एक उच्च स्तरीय सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए पहल की है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मल्टी-मीडिया लाइट और नवीनतम मनोरंजन प्रौद्योगिकी की सहायता से सांस्कृतिक उद्यमों के लिए एक व्यावहारिक मॉडल तैयार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हिमालय क्षेत्र के मिथकों और किंवदंतियों को दर्शाने के भी प्रयास किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि यह पर्यटकों के लिए बड़ा मनोरंजक होगा क्योंकि इससे ऐसा प्रतीत होगा कि पहाड़ जीवंत हो उठे हैं और दर्शकों से स्वयं बातें कर रहे हैं.

जय राम ठाकुर ने कहा कि कंप्यूटर निर्मित दृश्य, डिजिटल विजुअल इफेक्ट्स, लाइव शूटिंग, पेंटिंग और लेजर लाइट और साउंड के माध्यम से बनाए गए एपिक शो एक भव्य एवं प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुत करेंगे. उन्होंने कहा कि पर्यटकों को हाइड्रॉलिक मूविंग प्लेटफॉर्म की सहायता से 3 डी के माध्यम से रोमांचकारी साहसिक खेलों के 7-डी जैसा प्रभाव प्रदान किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू के पास मोहाल नेचर पार्क, मनाली के निकट बड़ागाह और शिमला रिपोर्टिंग रूम जैसे कुछ स्थान हैं, जहां इस तरह के शो आयोजित किए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिमला के भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में भी ऐसी गतिविधियां आयोजित करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मामला उठा सकती है.