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भारत में हवाई यात्रा होगी और आसान, बोर्डिंग पास और लंबी लाइनों के झंझट से मिलेगा छुटकारा

दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर शुक्रवार (6 सितंबर) से इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि टर्मिनल तीन पर विस्तारा एयरलाइंस (Vistara Airlines) के साथ मिलकर ये ट्रायल तीन महीने तक चलेगा.

भारत में हवाई यात्रा होगी और आसान, बोर्डिंग पास और लंबी लाइनों के झंझट से मिलेगा छुटकारा
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: आने वाले दिनों में भारत में हवाई यात्रा (Air Travel) और भी आसान और सुलभ होने वाली है. जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट (Airport) पर बोर्डिंग पास (Boarding Pass) के लिए लंबी-लंबी लाइनें अब पुरानी बात होने वाली हैं. यह इस कदर आसान होने वाला है कि अब एयरपोर्ट में एंट्री करने के लिए भी बुकिंग और आईडी कार्ड दिखाने की जरूरत नहीं होगी. इतना बड़ा बदलाव इसलिए होने जा रहा है क्योंकि अब आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास और आईडी कार्ड होगा.

दिल्ली एयरपोर्ट पर शुरू हो गया ट्रायल
जानकारी के मुताबिक सरकार ने एयरपोर्ट के सफर को सुखद बनाने के मकसद से एयरपोर्ट्स पर फेशियल रिकगनीशन सिस्टम (Facial Recognition System) लगाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं. दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर शुक्रवार (6 सितंबर) से इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि टर्मिनल तीन पर विस्तारा एयरलाइंस (Vistara Airlines) के साथ मिलकर ये ट्रायल तीन महीने तक चलेगा. ट्रायल (Trail) कामयाब होने पर इसे टर्मिनल तीन के साथ-साथ बाकी एयरपोर्ट्स पर भी लॉन्च कर दिया जाएगा.

25 से 30 मिनट का वक्त घटकर हो जाएगा 2 से 3 मिनट
अब आपको बताते हैं कि ये काम कैसे करेगा. फिलहाल एंट्री गेट से लेकर डिपार्चर गेट तक पहुंचने में आपको कम से कम 25 से 30 मिनट का वक्त लगता है, या कभी कभी इससे भी ज्यादा समय लग जाता है. लेकिन इस एडंवास फेशियल रिकगनीशन सिस्टम से आपका काम महज 2 से 3 मिनट में ही हो जाएगा.

अब ये होंगे स्टेप
- सबसे पहले यात्री को फेशियल रिकगनीशन के लिए खुद को एनरोल कराना होगा. इसके लिए एयरपोर्ट पर रजिस्ट्रेशन क्योस्क होंगे. जहां यात्री को फ्लाइट टिकट और एक आईडी प्रूफ दिखाना होगा.
- इसके बाद कैमरा यात्री के फेशियल डीटेल्स लेगा. CISF का जवान आपके पेपर्स को वेरिफाई करेगा और सिस्टम में फीड कर देगा.
- इसके बाद यात्री सीधा डिपार्चर गेट की ओर चल देगा. जहां पर फेशियल रिकगनीशन सिस्टम लगे होंगे. यात्री के चेहरे को देखते ही गेट अपने आप खुल जाएंगे.
- अगर यात्री के पास सामान है तो उसे चेक-इन काउंटर पर देगा और अगर नहीं है तो सीधा सिक्योरिटी चेक गेट्स की तरफ चलेगा.
- यहां पर भी फेशियल रिकगनीशिन सिस्टम लगे होंगे. यहां से निकलने के बाद यात्री बोर्डिंग गेट की तरफ बढ़ेगा. वही सिस्टम यहां भी लगा होगा. जो यात्री को वेरिफाई कर बोर्डिंग गेट को खोल देगा.

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सफर खत्म होते ही डिलीट हो जाएगा डाटा
इस नए सिस्टम की खास बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया बताने में जितनी लंबी लगती है, उससे कहीं ज्यादा तेज और आसान है. अब ना बोर्डिंग पास रखने का झंझट होगा और ना ही बार-बार आईडी-कार्ड दिखाने की परेशानी. सिर्फ एक बार रजिस्टर करना है, और हो गई एंट्री. अच्छी बात यह है कि दिल्ली एयरपोर्ट यात्री के डाटा को सफर खत्म होते ही डिलीट कर देगा. इसलिए डाटा चोरी और निजता हनन का भी खतरा नहीं है.