बजट से योग गुरु रामदेव भी हुए निराश, कहा- 'आयकर में राहत मिलती तो अच्छा होता'

योग गुरु बाबा रामदेव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में आयकर की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये होनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता तो देश के एक बड़े वर्ग को राहत मिलती. 

बजट से योग गुरु रामदेव भी हुए निराश, कहा- 'आयकर में राहत मिलती तो अच्छा होता'
बाबा रामदेव ने सरकार से इनकम टैक्स की छूट बढ़ाने की मांग की है

नई दिल्ली : योग गुरु बाबा रामदेव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में आयकर की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये होनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता तो देश के एक बड़े वर्ग को राहत मिलती. उन्होंने उम्मीद जताई की इस बारे में सरकार जल्द ही कोई फैसला जरूर लेगी. उन्होंने बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट राष्ट्र निर्माण का बजट है.

इनकम टैक्स में राहत नहीं
बता दें कि आज गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2018-19 के लिए संसद में आम बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने बजट में आयकर में कोई राहत नहीं दी है. मध्यम वर्गीय को बजट में मायूसी हाथ लगी है. सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है. टैक्स छूट सीमा 2.5 लाख रुपए ही होगी. जबकि टैक्स बचाने की सीमा 1.50 लाख रुपए ही होगी.

पतंजलि को मिला बड़ा ऑफर
कई घरेलू और ग्लोबल कंपनियों को पीछे छोड़ देश की बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में शामिल हुई पतंजलि अब ग्लोबल ब्रांड बनने की तैयारी में है. योग गुरू बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को एक बड़ा ऑफर मिला है. फ्रांस के लग्जरी ग्रुप एलवीएमएच ने पतंजलि आयुर्वेद में हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई है. एलवीएमएच की हिस्सेदारी वाला एल कैटर्टन प्राइवेट इक्विटी फंड अपने एशिया फंड में बची रकम के आधे यानी 50 करोड़ डॉलर से पतंजलि में हिस्सेदारी खरीदने को तैयार है.

नए करदाता जुड़े
हालांकि, इनकम टैक्स को लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. इनकम टैक्स देने वालों की संख्या पिछले कुछ समय में बढ़ी है. नोटबंदी से करीब 1000 करोड़ रुपए ज्यादा टैक्स आया. नोटबंदी के बाद करीब 85.51 लाख नए करदाता जुड़े हैं. विशेषज्ञों की मानें तो मध्यम वर्ग और सर्विस क्लास को कोई राहत न देकर सरकार ने बड़ा राजनीतिक जोखिम लिया है.

tax rebate budget 2018
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कॉरपोरेट टैक्स में भारी छूट
250 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनी को अब कम टैक्स देना होगा. कॉर्पोरेट टैक्स में कंपनियों को भारी छूट दी गई है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया 250 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स देना है. पहले यह राहत 50 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाली कंपनियों को ही थी.

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क्या है मौजूदा टैक्स स्लैब

0-2.5 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं
2.5-5 लाख रुपए तक 5% टैक्स 
5-10 लाख रुपए तक 20% टैक्स 
10 लाख रुपए से ऊपर 30% टैक्स 
50 लाख से 1 करोड़ तक 10% सरचार्ज
1 करोड़ से ऊपर 15% सरचार्ज

बजट 2018 : निवेशकों को झटका, म्युचल फंड की कमाई पर लगेगा टैक्स

निवेशकों को झटका
शेयर बाजार के निवेशकों की तरफ से जैसा अंदेशा किया जा रहा था वैसा ही हुआ. बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अब निवेशकों को म्युचल फंड की कमाई पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा. इसके अलावा वित्त मंत्री ने बताया कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स अब 10 फीसदी होगा. वित्त मंत्री के इस ऐलान के बाद बाजार में गिरावट का रुख देखा गया.

शेयर बाजार में गिरावट
सरकार अभी शेयरों पर सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स लगाती है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगने के बाद एक साल बाद शेयर बेचने पर होने वाले मुनाफे पर टैक्स देना होगा. अभी एक साल से कम समय में शेयर बेचने पर 15 फीसदी का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है. जानकारों का कहना कि सरकार अपनी आर्थिक स्थिति में मजबूती करने के लिए यह टैक्स लगाया है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर वित्त मंत्री के ऐलान के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखी गई.