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5 लाख से कम और इससे ज्यादा कमाने वाले समझें इनकम टैक्स का पूरा गणित, कितना फायदा मिलेगा?

इनकम टैक्स कैलकुलेट करने से पहले आप रिबेट और एग्जेम्पशन का  अंतर समझ  लें. 

5 लाख से कम और इससे ज्यादा कमाने वाले समझें इनकम टैक्स का पूरा गणित, कितना फायदा मिलेगा?
बजट के बाद समझिए टैक्स की पूरी कैलकुलेशन।

नई दिल्ली (दुष्यंत कुमार) आज बजट में जो सबसे बड़ी खबर निकलकर आई, वो थी नौकरीपेशा लोगों के लिए.  ऐलान ये था कि, 'सालाना 5 लाख कमाने वाले लोगों पर कोई टैक्स नही लगेगा'. लेकिन इससे आगे की खबर और भी है. खबर ये है कि ये टैक्स रिबेट है, सरकार ने टैक्स छूट का स्लैब नहीं बदला. यानी सरकार ने पांच लाख तक की सालाना कमाई करने वालों को टैक्स फ्री कर दिया है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति की टैक्सेबल इनकम पांच लाख रुपए से ज्यादा है, तो उसे पुराने हिसाब से ही टैक्स देना होगा. इसका पूरा गणित समझाया टैक्स एक्सपर्ट सुनील गर्ग और चार्टेड अकाउंटेंट अलका गुप्ता ने. उन्होंने बताया इससे पांच लाख तक कमाने वालों को तो फायदा मिलेगा लेकिन अगर कोई पांच लाख से ज्यादा कमाता है, तो उसे टैक्स में ज्यादा राहत नहीं मिलेगी. 

कम कमाने वालों को फायदा
अगर आपकी टैक्सेबल इनकम पांच लाख रुपए तक है, तो आपको कोई टैक्स नहीं लगेगा. यहां तक कि आप LIC, मेडिकल, पीएफ में निवेश करते हैं, तो आपको पूरे-पूरे 6.50 लाख रुपए तक कोई भी टैक्स नहीं लगेगा. आसान भाषा में कहें तो पहले पांच लाख रुपए कमाने पर जो आप 13 हजार रुपए टैक्स देते थे, वो अब जीरो (0) हो गया है. टैक्स एक्सपर्ट अलका गुप्ता के मुताबिक सरकार ने सेक्शन 87A के तहत रिबेट बढ़ाकर 2500 से 12,500 कर दी है. 

ज्यादा कमाने वालों पर पहले की तरह टैक्स
मान लीजिए एक बार आपकी टैक्सेबल इनकम पांच लाख रुपए से ऊपर निकल जाती है, तो आप पहले की तरह 20% टैक्स स्लैब के दायरे में आ जाएंगे. यानी पुरानी स्लैब लागू रहेगा 2.5 लाख तक 5%, 5 से 10 लाख तक 20% टैक्स लगेगा. और अगर आपकी टैक्सेबल आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है तो 30 फीसदी इनकम टैक्स लगेगा. 

एक नजर में समझिए पूरा गणित
पहले: 2.5 लाख रुपए तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगता था. स्टैंडर्ड डिडक्शन पहले 40 हजार रुपए था.
अब: 5 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं. स्टैंडर्ड डिडक्शन अब 50 हजार रुपए किया गया.
क्या किया: इनकम टैक्स स्लैब नहीं बदला गया. टैक्सेबल इनकम 5 लाख से ज्यादा है तो उन्हें सिर्फ स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा होगा.