सभी ट्रेनों और स्टेशनों पर मिलेगा वाई-फाई, 600 स्टेशन होंगे आधुनिक...रेल बजट की खास बातें

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की अब भारतीय रेलवे अब पूरी तरह ब्रॉडगेज होगी. नेरोगेज ट्रेक पूरी तरह से खत्म किए जाएंगे.

सभी ट्रेनों और स्टेशनों पर मिलेगा वाई-फाई, 600 स्टेशन होंगे आधुनिक...रेल बजट की खास बातें

नई दिल्ली : साल 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए अंतिम पूर्ण बजट में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने रेल बजट भी पेश किया. रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लिए 1 लाख 48 हजार करोड़ खर्च होंगे. देश के 600 स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा. पटरी, गेज बदलने जैसे कामों पर बड़ी राशि खर्च होगी. वित्तमंत्री ने घोषणा की कि अब भारतीय रेल ब्रॉडगेज हो जाएगी. नेरोगेज ट्रैक खत्म कर दिए जाएंगे. इसके साथ ही मुंबई लोकल का दायरा भी बढ़ाया जाएगा. मुंबई में 90 किमी नेटवर्क का विस्तार होगा. सभी मार्गों को ब्रॉडगेज में परिवर्तित किया जाएगा.

स्टेशनों पर वाइफाइ सीसीटीवी कैमरे लगेंगे. रेलवे ने सभी मार्गों का विद्युतीकरण करने का फैसला किया है. इसलिए बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक इंजनों की जरूरत है. रेलवे में सिग्नलों का ऑटोमेशन तथा पुरानी पटरियों को बदलना भी शामिल है. रेलवे की बेकार पड़ी जमीन का कारोबारी उपयोग किया जाएगा. 3 हजार 600 किमी नई रेल लाइन बिछाने का काम होगा.  600 स्टेशन आधुनिक बनाए जाएंगे.

  • वित्त मंत्री ने घोषणा की, रेलवे की बेकार पड़ी जमीन का कारोबारी उपयोग किया जाएगा.
  • 3 हजार 600 किमी नई रेल लाइन बिछाने का काम होगा.  600 स्टेशन आधुनिक बनाए जाएंगे.
  • अगले दो साल में 4267 मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को पूरी तरह खत्म किया जाएगा.
  • सभी रेलवे स्टेशन और ट्रेन में वाईफाई और सीसीटीवी की सुविधा लोगों को मिलेगी.
  • 18000 किमी के रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण किया जाएगा.
  • रेलवे जल्द ही पूरी तरह से इलेक्ट्रीसिटी पर निर्भर होगी. डीजल इंजन पूरी तरह से रेलवे से बाहर कर दिए जाएंगे.
  • बेंगलुरू में उप- नगरीय रेल अवसंरचना के लिए 17,000 करोड़ रुपए का आवंटन.
  • 12000 वेगन, 5160 कोच और 700 लोकोमेटिव तैयार किए गए.
  • पटरियां गेज बदलने पर रहेगा सरकार का बड़ा जोर
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बजट के दिन नहीं बल्कि 6 महीने पहले ही तय हो जाता है किसे क्या मिलेगा

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कई बार कहा कि रेलवे को जीबीएस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए तथा अपने आंतरिक संसाधनों और बाजार से धन पैदा करना चाहिए. वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में सभी 11,000 ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए 3,000 करोड़ रुपये खर्चे का अनुमान  है. बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए इस बजट में देश भर के सभी प्रमुख शहरी और उपशहरी स्टेशनों पर 3,000 एस्केलेटर और 1,000 लिफ्ट लगाने का प्रावधान है.