वैसे तो राजस्थान में घूमने के लिए एक से बढ़कर एक खूबसूरत जगहें हैं लेकिन गोल्डन सिटी कहे जाने वाले जैसलमेर की बात ही अलग है. जैसलमेर में कई ऐसे खूबसूरत लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं, जो वहां पर पहुंचने वाले पर्यटकों के दिल में बस जाते हैं.
गोल्डन सिटी के नाम से मशहूर जैसलमेर की ऐसी खूबसूरत जगह के बारे में बताते हैं, जहां पर राजस्थान जाने वाले हर शख्स को घूम कर जरूर आना चाहिए.
जैसलमेर का किला 12वीं शताब्दी में भारतीय राजपूत शासक राव जैसल द्वारा बनवाया गया था. यह पीले बलुआ पत्थरों से बना है. इसमें वास्तु शिल्प की नक्काशीदार खिड़कियां-दरवाजे हैं, जो कि भारत की समृद्धि का बखान करती हैं.
जैसलमेर में घूमने के लिए सैम सैंड ड्यून्स बेहद खूबसूरत स्थान है. यहां पर राजस्थानी लोक की ग्रामीण संस्कृति और लोक नृत्य को देखा जा सकता है. यहां जाने का सबसे बेहतर समय जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल होता है.
अगर आप जैसलमेर जा रहे हैं तो आपको यहां के पास स्थित पारस्थितिकी तंत्र और वन्य जीवन से जरूर परिचित होना चाहिए. इसके लिए आपको डेजर्ट नेशनल पार्क जैसलमेर जरूर घूमना चाहिए.
गड़ीसर लेक का निर्माण 14वीं शताब्दी में करवाया गया था. यह जैसलमेर के दर्शनीय स्थलों के लिए बेहद लोकप्रिय है. यह झील कई तरह के मंदिरों को गिरती है.
जैसलमेर में सलीम सिंह की हवेली का निर्माण 17वीं शताब्दी में करवाया गया था. यह अपने वास्तुकला के लिए काफी पॉपुलर है. यह जैसलमेर की धरोहर में से एक मानी जाती है.
पटवों की हवेली भी जैसलमेर के प्रमुख दार्शनिक स्थलों में से एक हैं. यह 19वीं शताब्दी में एक धनी व्यापारिक गुमानचंद्र पटवा के द्वारा बनवाई गई थी. यह पांच भव्य हवेलियों का समूह है.
कहा जाता है अगर आप जैसलमेर जाकर तनोट माता मंदिर के दर्शन ना करें तो आपकी जैसे मेरी यात्रा अधूरी होती है. यह भारत पाकिस्तान युद्ध के लौंगे वाला के युद्ध स्थल के करीब स्थित है.
व्यास की छतरी राजस्थान की वास्तुकला की विशिष्ट राजस्थानी शैली को प्रदर्शित करती है. यह रेत के टीलों के बीच बनी हुई है.
यह जैसलमेर के बाहरी इलाकों में स्थित है. यह 13वीं शताब्दी का खंडहर बताया जाता है. कहते हैं कि यहां पर कुल 84 गांव थे, जो कि रातों-रात गायब हो गए. इसे शापित जगह भी माना जाता है.