राजस्थान में सांगानेरी प्रिंट का करीब 1800 करोड़ का करोबार हैं.
सांगानेरी राजस्थान की सबसे पुरानी कला है.
इस कला में प्राकृतिक रंगो की सहायता से कपड़े पर डिजाइन उकेरी जाती है.
इसकी शुरुआत रॉयल फैमलीज के दौरान की गई थी.
इसकी पहचान ग्लोबली लेबल तक हैं.
सांगानेरी की शुरुआत जयपुर के सांगानेर से हुई थी.
छपाई की शुरुआत आमेर के राजपरिवार ने की थी.
छपाई में मोम-जड़ी बूटियों का होता था प्रयोग.
इसे यूरोप में चिंट्ज के नाम से जाना जाता था.