दिवाली आने वाली है, जिसको लेकर घरों में तैयारियां हो रही हैं और सभी माता लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए तैयारी कर रहे हैं.
कहते हैं कि दिवाली इसलिए मनाई जाती है क्योंकि भगवान राम 14 साल के वनवास से लौटे थे.
लेकिन फिर अक्सर मन में यह सवाल आता है कि इस दिन भगवान राम की जगह लक्ष्मी जी की पूजा क्यों की जाती है.
कहते हैं कि दिवाली को लक्ष्मी पूजा की वजह समुद्र मंथन है.
समुद्र मंथन देवताओं और असुरों के बीच हुआ, जिसमें से लक्ष्मी भी निकली थी.
माना जाता है कि जिस दिन लक्ष्मी निकली थी, उस दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या थी. यही दिन दिवाली के रूप में मनाई जाती है.
समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी का आगमन हुआ और सभी देवताओं ने मां की अराधना की.
इसी के चलते दिवाली को लक्ष्मी मााता की पूजा की जाती है.
इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि जिस दिन लक्ष्मी प्रकट हुई, उस दिन शरद पूर्णिमा थी.
डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.