जैसलमेर के गोडावण ब्रीडिंग सेंटर में कृतिम गर्भाधान (Artificial insemination) से दुनिया का पहला गोडावण पैदा हुआ.
यह उपलब्धि वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से हासिल हुई.
नर गोडावण के स्पर्म को संग्रहित कर मादा गोडावण में इंजेस्ट किया गया.
इस प्रक्रिया से एक गोडावण चूजे का जन्म हुआ.
विशेषज्ञों के ऑब्जर्वेशन में चूजा पूरी तरह स्वस्थ है.
यह भारत में पहली बार कृतिम गर्भाधान से गोडावण के जन्म का मामला है.
गोडावण प्रजातियों के संरक्षण प्रयासों में यह एक ऐतिहासिक क्षण है.
बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम भारत सरकार और राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है.
कृत्रिम प्रजनन केंद्र से कई मायनों में सफलता मिली है.
यह उपलब्धि गोडावण जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.