इस वेबसीरीज में गांव के परिवेश को एक बेहतर ढंग से पेश किया गया, इसके साथ ही इस सीरीज में दिखाया गया है कि दहेज के खिलाफ कैसे एक लड़की का बाप खड़ा होता है, और लालची लड़के वालों से अपनी बेटी की शादी करने से इंकार कर देता है.
इस फिल्म में विधा बालन एक फॉरेस्ट ऑफिसर की भूमिका में नजर आती है, जो अपने काम को पूरी ईमानदारी के साथ करती है. अपने काम की वजह से वह अपने परिवार पर कम ध्यान देती है.
इस फिल्म में एक मां अपनी बेटी की आजादी के लिए लड़ती है, शेफाली शाह अपनी बेटी के सपने पूरे करने में उसका साथ देती है.
इस फिल्म में एक बाप अपनी बेटी को दुनिया से लड़ना सिखाता है. वह अपनी बेटी से कहता है कि लड़की होने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि वह कमजोर है. इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी और जाह्नवी कपूर अहम रोल में है.
इस फिल्म में तापसी पन्नू घरेलू हिंसा के खिलाफ अवाज उठाती है, जिसमें उसके पिता सचिन संधु भी उसका साथ देते हैं.
इस फिल्म में श्री देवी ने काफी अच्छा काम किया है. वह इस फिल्म में एक हाउसवाइफ की रोल में नजर आती है, जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती. इंग्लिश नहीं आने की वजह से उनके बच्चे और पति उन्हें ज्यादा इज्जत नहीं देते हैं. इसके बाद श्री देवी इंग्लिश क्लास ज्वाइन करती है, और फिर घर से बाहर निकलकर दुनिया का सामना करती है.