डायलॉग- 2 बाबूजी ने कहा गाँव छोड़ दो सब ने कहा पारो को छोड़ दो पारो ने कहा शराब छोड़ दो आज तुमने कह दिया हवेली छोड़ दो एक दिन आएगा जब वह कहेंगे दुनिया ही छोड़ दो.
डायलॉग-3 'हर दुख आने वाले सुख की चिट्ठी होती है, और हर नुकसान होने वाले फायदा कर इशारा .
डायलॉग-4 प्यार का कारोबार तो बहुत बार किया है मगर प्यार सिर्फ एक बार.
डायलॉग-5 'यूं नजर से बात की और दिल चुरा गये, हम तो समझे थे, पर आप तो धड़कन सुना गए'.
डायलॉग-6 औरत माँ होती है बहन होती है पत्नी होती है दोस्त होती है और जब वह कुछ नहीं होती तो तवाइफ़ होती है.
डायलॉग-7 एक बात होती थी तब तुम बहुत याद आती थी... जब जब मैं सांस लेता था तब तब'
डायलॉग-8 अपने हिस्से की ज़िन्दगी तोह हम जी चुके चुन्नी बाबू अब तोह बस धडकनों का लिहाज़ करते है क्या कहें यह दुनिया वालो को जो आखरी सांस पर भी ऐतराज़ करते है.
डायलॉग-9 जहां ख से खुश होकर जीना चाहिए वहां ख से इतने खामोश बैठे हो, अरे ख से इतने खोये खोये हो, कि पता ही नहीं चलता आप घर पे हो.
डायलॉग-10 कितनी आसानी से गिनवा दिया कि तुम्हें हर पल मेरी याद आती थी, लेकिन ये नहीं सोचा कि उन पलों में बीता तो मैं ही था दीया तुम जलाती थी, पर जलता तो मैं ही था.