खुदकुशी करने वाला हमेशा जहन्नम में जलेगा, अपनी जान लेने पर क्या कहता है इस्लाम

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

इस्लाम में खुदकुशी को हराम करार दिया गया है. ऐसा इसलिए कि इस्लाम में आत्महत्या को हराम बताया गया है.

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

इस्लाम में माना जाता है कि इंसान का अपना जिस्म और उसकी जिंदगी उसकी अपनी नहीं, बल्कि यह अल्लाह की दी हुई अमानत है, जिसकी हर हाल में उसे हिफाजत करनी है.

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

बाकी नेमतों की तरह ज़िन्दगी भी इंसान के लिए अल्लाह की दी हुई एक नेमत है. ये किसी इंसान को एक बार मिलती है. इसे में उसे अपने रब को राज़ी कर वापस उसके पास जाना होता है.

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

इसलिए इस्लाम में हुक्म दिया गया है कि अपनी जिंदगी और अपने जिस्म की हिफाजत करो. यही वजह है कि इस्लाम ने खुदकुशी को हराम करार दिया है.

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

इस्लाम किसी भी शख्स को अपनी जान लेने का हरगिज हक नहीं देता. यानी जब इंसान अपनी जान का मालिक ही नहीं है, तो फिर वो अपनी जान लेने के फैसला कैसे कर सकता है.

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

जिस तरह से इस्लाम में किसी इंसान का कत्ल करना पूरी इंसानियत का कत्ल करने के बराबर है, उसी तरह से अपनी जिंदगी को खत्म करना अल्लाह के नजदीक न पसंदीदा अमल है.

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

एक हदीस में है कि "तुम्हारे जिस्म का भी तुम पर हक है और आखों का तुम पर हक है." (हदीस: बुखारी)

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

प्रोफेट मोहम्मद (स.) ने खुदकुशी को दर्दनाक अजाब के काबिल बताया है कि "वह दोजख में जाएगा, हमेशा उसमें गिरता रहेगा और हमेशा हमेशा वहीं रहेगा."

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

कुरान में जिक्र है कि "और अपने ही हाथों खुद को हलाकत में न डालो, और साहेबान-ए-एहसान बनो, बेशक अल्लाह एहसान वालों से मोहब्बत करता है." (सूरा: बकर, 195:2)

Published by: Siraj Mahi | Nov 11, 2023

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