Rahat Indori Poetry: जोश भर देंगे राहत इंदौरी के ये 10 शेर

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम... आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

सितारो आओ मिरी राह में बिखर जाओ... ये मेरा हुक्म है हालाँकि कुछ नहीं हूँ मैं

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

आते जाते पल ये कहते हैं हमारे कान में... कूच का ऐलान होने को है तय्यारी रखो

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो... ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

मज़ा चखा के ही माना हूँ मैं भी दुनिया को... समझ रही थी कि ऐसे ही छोड़ दूँगा उसे

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर... जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम क़ाएम रहे... नींद रक्खो या न रक्खो ख़्वाब मेयारी रखो

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा... मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं... मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं

Published by: Siraj Mahi | Jul 08, 2024

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