खुला तलाक का ही एक रूप है जिसके जरिए मुस्लिम औरतें अपने शौहर से अलग हो सकती हैं.
तलाक और खुला में इतना फर्क है कि तलाक मर्दों की तरफ से दिया जाता है, जबकि खुला औरतों की तरफ से लिया जाता है.
इसके जरिए मुस्लिम औरत अपने पति से सार संबंध तोड़ सकती है और उससे अलग होने का फैसला कर सकती है.
अगर कोई औरत अपने पति से खुला लेती है, तो अपनी जायदाद का कुछ हिस्सा वापस करना होगा.
खुला का जिक्र कुरान और हदीस में भी है. प्रोफेट मोहम्मद स. ने एक सहाबिया को 'खुला' लेने की इजाजत दी.
सुप्रीम कोर्ट में खुला का जिक्र सुप्रीम कोर्ट में तब आया जब 'तलाक-ए-हसन' पर सुनवाई चल रही थी.
जस्टिस एम.एस सुरेंद्रन की बेंच ने कहा कि अगर मियां-बीवी नहीं रहना चाहते तो अनुच्छेद 142 के तहत तलाक दिया जा सकता है.
हाल ही में खुला का जिक्र तब आया जब टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के पति ने दूसरी शादी कर ली.
सानिया के पति शोएब मलिक ने बताया कि टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने खुला के जरिए तलाक लिया था.