इस्लाम के पांच महत्वपूर्ण स्तंभ हैं उन्हीं में से एक है हज. हज अरबी भाषा का शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है 'यात्रा का इरादा करना". हज एक तीर्थ यात्रा है, जो आर्थिक रूप से सक्षम सभी मुसलमानों को अपनी ज़िन्दगी में एक बार जरूर करनी होती है.
एहराम एक तरह का वस्त्र है, जिसे हज पर जाने वाले लोग पहनते हैं. यह सफ़ेद कपड़े का बना होता है. यह हज के वाट दुनिया भर से आये हाजियों में समानता लाता है और मरने के बाद कफ़न की याद दिलाता है, ताकि इंसान सहृदय और चरित्रवान बन जाए.
इस्लाम में हज ऐसे लोगों पर फर्ज किया गया है जो इस सफर का खर्च और हज का खर्च उठा सकें. उन्हें किसी का कर्जदार न होना पड़े. इसके अलावा दूसरी शर्तें हैं कि वह मुस्लिम हो.
हज में लोग अपने बुरे कर्मों के लिए खुदा से माफी मांगते है, और आगे की जिंदगी में बुरे कामों से दूर रहना और सुख, समृद्धि, शांति की प्रार्थना करते है.
लूनर कैलेंडर या अरबी कैलंडर के हिसाब से साल के आखरी महीने जिल हिज्जा में पवित्र हज के रस्मों को अदा किया जाता है.
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