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स्मोकिंग के मामले में चीन सबसे आगे, 35 करोड़ करते हैं धूम्रपान

भारत गैर विनिर्मित तंबाकू का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक है. भारत, जापान और यूरोप समेत 115 से अधिक स्थानों को पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक के तंबाकू का निर्यात करता है.

स्मोकिंग के मामले में चीन सबसे आगे, 35 करोड़ करते हैं धूम्रपान
भारत एकमात्र देश है जो दो सत्र में तंबाकू का उत्पादन करता है. चीन की सिगरेट के वैश्विक उत्पादन में 42 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

बीजिंग: भारत ने अपने उच्च गुणवत्ता वाले जैविक रूप से उगाये गये तंबाकू का चीन को निर्यात करने की जोरदार वकालत की है. चीन में धूम्रपान करने वाले दुनिया के सबसे ज्यादा लोग हैं. भारतीय तंबाकू बोर्ड की चेयरपर्सन के सुनीता की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंल ने चीन के स्टेट टोबैको मोनोपॉली एडमिनिस्ट्रेशन के मुख्य आयुक्त झांग जिआनमिन से शुक्रवार को मुलाकत की. उन्होंने इस दौरान चीन से कहा कि वह अपना बाजार भारतीय तंबाकू आयात के लिये खोले. भारतीय दूतावास ने शनिवार को यहां जारी एक बयान में इसकी जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि भारतीय तंबाकू की गुणवत्ता अच्छी है. इसे जैविक तरीके से उगाया जाता है और यह कीटनाशक से मुक्त होता है. भारत एकमात्र देश है जो दो सत्र में तंबाकू का उत्पादन करता है. चीन में दुनिया के सर्वाधिक 35 करोड़ धूम्रपान करने वाले लोग रहते हैं. चीन की सिगरेट के वैश्विक उत्पादन में 42 प्रतिशत हिस्सेदारी है. यह तंबाकू का सबसे बड़ा उत्पादक तथा उपभोक्ता है.

सुनीता ने कहा कि दोनों देशों के बीच दूरी कम है, इससे भारतीय तंबाकू को चीन के बाजार में लाने में ढुलाई लागत भी कम होगी. भारत गैर विनिर्मित तंबाकू का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक है. भारत, जापान और यूरोप समेत 115 से अधिक स्थानों को पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक के तंबाकू का निर्यात करता है. हालांकि, चीन को भारतीय तंबाकू का निर्यात लगभग नगण्य है.