8 सदी पुराना चर्च, बनने में 200 साल लगे, जहां महान नेपोलियन की ताजपोशी और विवाह हुआ

‘नोट्रे-डेम’का निर्माण 12वीं सदी में शुरू हुआ था, जो करीब 200 वर्ष तक चला.

8 सदी पुराना चर्च, बनने में 200 साल लगे, जहां महान नेपोलियन की ताजपोशी और विवाह हुआ

पेरिस के ऐतिहासिक गिरजाघर नोट्रे-डेम कैथेड्रल में सोमवार को आग लग गई, आग में सबसे पहले यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित 850 साल पुरानी छत तबाह हुई, और शानदार गॉथिक मीनार वहां मौजूद लोगों के सामने ढह गई. हालांकि मुख्य ढांचे को बचा लिया गया लेकिन आगजनी से ऐतिहासिक इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सदियों की विरासत खाक हो गई. आग लगने के कारण का तत्काल पता नहीं चल पाया है लेकिन कैथेड्रल में मरम्मत का नाम चल रहा था और दमकल विभाग का कहना है कि यह आग लगने का एक कारण हो सकता है.

नोट्रे-डेम कैथेड्रल गिरजाघर
1. कई युद्धों और क्रांतियों का गवाह बना नोट्रे-डेम कैथेड्रल गिरजाघर सदियों से अपनी बुनियाद पर मजबूती से खड़ा रहा है और इसे न केवल सर्वश्रेष्ठ गॉथिक कैथेड्रल माना जाता है अपितु पाश्चात्य जगत की वास्तुकला के सर्वश्रेष्ठ रत्न के रूप में इसकी पहचान बनी हुई है.

2. ‘नोट्रे-डेम’ का निर्माण 12वीं सदी में शुरू हुआ था, जो करीब 200 वर्ष तक चला. न्‍यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट’ के वरिष्ठ क्यूरेटर बारबरा ड्रेक बोहेम ने कहा, ‘‘यह प्रस्तर निर्मित महान विशाल स्मारक 1163 से अपनी जगह पर खड़ा है. फ्रांस क्रांति के दौरान यह क्षतिग्रस्त भी हुआ.

अंतरराष्ट्रीय जगत ने पेरिस के नोट्रे-डेम कैथेड्रल में आग लगने की घटना पर जताया दुख

3. सन 1831 में विक्टर ह्यूगो के उपन्यास ‘द हंचबैक ऑफ नोट्रे-डेम’ के प्रकाशन के बाद इसने फिर लोगों का ध्यान आकर्षित किया. इसके बाद गिरिजाघर के प्रसिद्ध फ्लाइंग बट्रेस और एक पुनर्निर्मित शिखर सहित इसके पुनर्निर्माण में दो दशक का समय लगा. आगजनी के बाद विक्टर ह्यूगो की ‘‘द हंचबैंक ऑफ नोट्रे डेम” अमेजन की सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तकों में मंगलवार को पहले नंबर पर पहुंच गई.

प्राचीनतम गिरजाघर में लगी आग बुझने के बाद जर्मन उपन्यास “नोट्रे-डेम डी पेरिस” का मूल फ्रेंच संस्करण फ्रांस में सबसे तेजी से बिकने वाली पुस्तक बन गई और ऐतिहासिक गल्प की दो उपश्रेणियों में अंग्रेजी में बिकने वाली नंबर एक किताब बन गई. कहानी का डिजनी एनिमेटेड संस्करण भी शीर्ष 10 पारिवारिक फिल्मों में पहुंच गया.

4. फ्रांस के महान शासक नेपोलियन बोनापार्ट की ताजपोशी और उनके विवाह सहित कई युद्धों एवं क्रांतियों का गवाह बने नोट्रे-डेम गिरजाघर को न केवल गॉथिक कला की सर्वश्रेष्ठ कलाकृति का नमूना माना जाता है अपितु पाश्चात्य जगत की वास्तुकला के सर्वश्रेष्ठ रत्न के रूप में इसकी पहचान संसार भर में बनी हुई है.

notre dame
‘नोट्रे-डेम’ का निर्माण 12वीं सदी में शुरू हुआ था, जो करीब 200 वर्ष तक चला. (फाइल फोटो)

इस गिरजाघर की भित्तियां बोनापार्ट की 1804 में यहां हुई ताजपोशी और फिर 1810 में उनकी शादी के भव्य समारोह की गाथाएं सुनाती हैं.

5. इस आगजनी में कई अनुपम और दुर्लभ कलाकृतियों को नुकसान पहुंचा है और संभवतया इनमें से एक है ईसामसीह का कांटों का ताज. उन्होंने कहा, ‘‘ईसाई धर्म के अनुयायी मानते हैं कि यह वही ताज है जिसे ईसा मसीह को सिर पर पहनाया गया था. उसे बेहद सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है. लेकिन आपको पता है कि आग बेहद भीषण थी.’’

(इनपुट: एजेंसियां)