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कई मुद्दों पर बंटे जी-20 ने माना, तनाव से विश्व व्यापार को खतरा

दुनिया के शीर्ष वित्तीय नीति निर्माताओं ने रविवार को स्वीकार किया कि व्यापार तनाव की स्थिति खराब हुई है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम है.

कई मुद्दों पर बंटे जी-20 ने माना, तनाव से विश्व व्यापार को खतरा
बैठक में सुधारों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आये. (फोटो साभार: @IndianConsOsaka)

फुकुओका (जापान): दुनिया के शीर्ष वित्तीय नीति निर्माताओं ने रविवार को स्वीकार किया कि व्यापार तनाव की स्थिति खराब हुई है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम है. जी-20 बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही. बैठक में अमेरिका तथा अन्य देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आया.

तीस घंटे की गहन परिचर्चा के बाद जी-20 वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के प्रमुखों ने अंतिम बयान दिया जिसमें इस बात को स्वीकार किया गया कि वृद्धि नीचे बनी हुई है तथा इसके और नीचे जाने का जोखिम बना हुआ है.

इस बैठक को एक अधिकारी ने तनावपूर्ण माहौल करार दिया. जी-20 ने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है.’’ उसने कहा, ‘‘वे जरूरत पड़ने पर आगे कार्रवाई करने को तैयार खड़े हैं.’’ 

अमेरिकी की तरफ से समझौते को आगे बढ़ाये जाने के बाद बयान से पूर्व के मसौदे में कही गयी बात को छोड़ दिया गया. उसमें ‘व्यापार तनाव के समाधान की जरूरत’ पर बल दिया गया था.

बयान से पहले जापान के बंदरगाह शहर फुकुओका में दो दिन चली बैठक में इंटरनेट दिग्गजों पर कर लगाने तथा पहली बार वृद्ध होती आबादी से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई. 

यूरोपीय संघ के आर्थिक मौद्रिक मामलों के आयुक्त पियरे मोसकोविसी ने कहा, ‘‘हमारे विचार से बैठक का जो नतीजा निकला है, उससे बेहतर हम कुछ नहीं कर सकते थे. यह कोई उम्दा परिणाम नहीं है लेकिन अच्छा है.’’

उन्होंने यह स्वीकार किया कि समझौते पर पहुंचना आसान काम नहीं था. उन्होंने कहा, ‘‘यहां कमरे में बैठा हर कोई यह मानता है कि व्यापार तनाव से वृद्धि को जोखिम है....’’ 

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नीति निर्माताओं के दिल-दिमाग में व्यापार युद्ध केंद्र में है क्योंकि अमेरिका तथा चीन दोनों लगातार एक-दूसरे को शुल्क के जरिये चेतावनी दे रहे हैं. इस बारे में अर्थशास्त्रियों को आशंका है कि यह वैश्विक वृद्धि पर ‘ब्रेक’ लगा सकता हैं 

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने चेतावनी देते हुए कहा कि शुल्क से 2020 में वैश्विक जीडीपी में 0.5 प्रतिशत या करीब 455 अरब डालर की कमी आ सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य रूप से व्यापार युद्ध से वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को जोखिम है.’’ 

जी-20 मंत्रियों ने बैठक से कुछ ही घंटे पहले राहत की सांस ली जब अमेरिका तथा मेक्सिको ने आ्रवजन के मुद्दे पर समझौता किया. इससे अमेरिका मेक्सिको की वस्तुओं पर पांच प्रतिशत का शुल्क नहीं लगाएगा.

हालांकि अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओर चीन के शी चिनपिंग इस महीने के अंत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान किसी सहमति पर पहुंचने में नाकाम रहते हैं अमेरिका एशियाई देश पर और शुल्क लगाने को तैयार है. 

अंतिम बयान में जी20 देशों ने 2020 तक अंतिम रिपोर्ट के सथ सहमति के आधार पर समाधान के लिये प्रयास में तेजी लाने पर सहमति जतायी. हालांकि फुकुओका बैठक में सुधारों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आये.

इस मुद्दे पर वैश्विक कार्रवाई की कमी से निराश ब्रिटेन और फ्रांस जैसे कुछ देशों ने तथाकथित डिजिटल कर की पेशकश की है. इस पर न्यूचिन ने कहा कि अमेरिका को इसको लेकर चिंता है और कहा, ‘‘मैं उन्हें पसंद नहीं करता.’’ 

हालांकि मोसकोविसी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि वह जी20 नये अंतरराष्ट्रीय कर नियम पर 2020 तक नया अंतरराष्ट्रीय क नियम बना लेगा.

बैठक में पहली बार जी20 मंत्रियों ने वृद्ध होती आबादी से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की. जापान दुनिया का पहला देश है जहां बुजुर्गों का अनुपात सर्वाधिक होगा. वहां 28 प्रतिशत आबदी 65 साल से अधिक की है.

ओईसीडी के महासचिव ऐंजल गुरिया ने कहा, ‘‘आपके पास आबादी का एक बड़ा अनुपात ऐसा है जो बुजुर्ग है. इससे कार्यबल की संख्या कम हो रही है.’’ उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के समाधान के लिये जिस रूप से समाज संगठित है, उसमें व्यापक बदलाव की जरूरत होगी.