अमेरिका ने ह्यूस्टन में चीन के वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया

 चीन और अमेरिका एक बड़े कूटनीतिक टकराव की ओर बढ़ रहे हैं. 

अमेरिका ने ह्यूस्टन में चीन के वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया

बीजिंग/ह्यूस्टन: चीन और अमेरिका एक बड़े कूटनीतिक टकराव की ओर बढ़ रहे हैं. अमेरिका ने ह्यूस्टन स्थित चीन के वाणिज्य दूतावास को बंद करने का बुधवार को आदेश दिया और कहा कि यह कदम "अमेरिकियों की बौद्धिक संपदा और निजी सूचना की रक्षा" के उद्देश्य से उठाया गया है. अमेरिका के कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग विनबेन ने इसे तनाव में अप्रत्याशित वृद्धि करने वाला करार दिया और जवाबी उपाय करने की चेतावनी दी.

उन्होंने कहा, "चीन मांग करता है कि अमेरिका अपना गलत फैसला वापस ले. अगर अमेरिका आगे बढ़ता है तो चीन जरूरी जवाबी उपाय करेगा." वांग ने यह भी कहा कि अमेरिका में चीन दूतावास और वाणिज्य दूतावास को हाल में बम से उड़ाने और जान से मारने की धमकियां मिली हैं.

इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, " हमने अमेरिकियों की बौद्धिक संपदा और निजी जानकारी की रक्षा करने के उद्देश्य से पीआरसी (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चीन) के ह्यूस्टन के महावाणिज्य दूतावास को बंद करने का निर्देश दिया है."

विदेश विभाग की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टगस ने कहा कि अमेरिका चीन द्वारा हमारी संप्रभुता का उल्लंघन और हमारे लोगों को धमकाना बर्दाश्त नहीं करेगा. वैसे ही जैसे चीन के अनुचित व्यापार व्यवहार, अमेरिकियों की नौकरी चुराने और अन्य आक्रामक व्यवहार को सहन नहीं किया गया.

ऑर्टगस ने विएना संधि को रेखांकित किया, जिसके तहत राष्ट्रों का दायित्व है कि मेजबान देश के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करें. टेक्सास के ह्यूस्टन का वाणिज्य दूतावास अमेरिका में मौजूद पांच वाणिज्य दूतावासों में से एक है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसे ही क्यों निशाना बनाया गया.

अमेरिका के न्याय विभाग ने दावा किया था कि कोरोना वायरस के टीकों को विकसित कर रही कंपनियों को निशाना बनाने के लिए हैकर चीनी सरकार के साथ काम कर रहे हैं और दुनियाभर से लाखों डॉलर की बौद्धिक संपदा और व्यापार राज़ को चुराया गया है. इसके बाद यह कदम उठाया गया है.

अमेरिका और चीन के बीच कोरोना वायरस की उत्पत्ति समेत कई मुद्दों पर राजनीति और कूटनीतिक टकराव चल रहा है. दोनों देशों के बीच चीन के हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लागू करने और व्यापार को लेकर भी खींचतान हो रही है.

चीन वुहान या हांगकांग में अमेरिका के वाणिज्य दूतावास बंद करने के विकल्प को देख रहा है. हांगकांग में चीनी अधिकारियों ने अमेरिका पर चीन विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन करने का आरोप लगाया है.

इससे पहले चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने 21 जुलाई को मांग की है कि चीन ह्यूस्टन स्थित अपने महावाणिज्य दूतावास में सभी काम और कार्यक्रम बंद कर दे.

उसने कहा, " यह अमेरिका की ओर से एकतरफा शुरू किया गया एक राजनीतिक उकसावा है जो अंतरराष्‍ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संचालित करने वाले बुनियादी कानूनों और चीन तथा अमेरिका के बीच के द्विपक्षीय राजनयिक समझौते का घोर उल्लंघन करता है. चीन अपमानजनक और अनुचित कदम की कड़ी निंदा करता है जिससे दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचेगा."

बयान में कहा गया है, "हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपना त्रुटिपूर्ण निर्णय वापस ले, अन्यथा, चीन कानूनी और जरूरी प्रतिक्रिया देगा. "

ह्यूस्टन में चीन के महावाणिज्य दूतावास में आग
इस बीच, ह्यूस्टन में चीन के महावाणिज्य दूतावास में आग लगने की खबर है. स्थानीय पुलिस ने बताया कि परिसर में दस्तावेजों को जलाया जा रहा था. ह्यूस्टन पुलिस विभाग ने बताया कि महावाणिज्य दूतावास के परिसर में मंगलवार रात आठ बजे के आसपास दस्तावेजों को जलाए जाने की खबर मिलते ही दमकल और पुलिस अधिकारी हरकत में आ गए.

आग लगने की घटना ऐसे समय में घटी है जब बीजिंग से खबरें आ रही हैं कि अमेरिका ने चीन से टेक्सास के ह्यूस्टन में अपने वाणिज्य दूतावास को बंद करने को कहा है. वाणिज्य दूतावास के आसपास से कुछ लोगों द्वारा साझा किये जा रहे वीडियो में कई कचरा पेटियों और डिब्बों से आग की लपटें निकलती देखी जा सकती हैं. लोग जलते कचरे में चीजें फेंकते हुए भी देखे जा सकते हैं.

अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत 3417, मोंट्रोस बुलेवार्ड स्थित महावाणिज्य दूतावास को चीन के अधिकार वाला क्षेत्र माना जाता है.

ह्यूस्टन पुलिस के एक सूत्र ने स्थानीय मीडिया को बताया कि महावाणिज्य दूतावास और अल्मेडा रोड स्थित एक परिसर को शुक्रवार शाम चार बजे तक खाली कराया जा रहा है जहां वाणिज्य दूतावास के अनेक कर्मचारी रहते हैं.