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ईशनिंदा मामला: आसिया बीबी के वकील ने छोड़ा पाकिस्तान, जान से मारने की मिली थी धमकी

आसिया बीबी के वकील सैफुल मलूक ने कहा ,‘‘मेरा परिवार भी गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना कर रहा है और संघीय सरकार को उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए.

ईशनिंदा मामला: आसिया बीबी के वकील ने छोड़ा पाकिस्तान, जान से मारने की मिली थी धमकी
आसिया बीबी.(फोटो- Reuters)

दिल्ली: आसिया बीबी के वकील सैफुल मलूक ने अपनी जान के खतरे की आशंका में शनिवार को पाकिस्तान छोड़ दिया है. सैफुल मलूक ने सरकार से अपने परिवार की सुरक्षा किए जाने का आग्रह भी किया है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार वकील सैफुल मलूक ने दावा किया कि वकीलों के एक समूहों से वह जान के खतरे का सामना कर रहे है और इस तरह की स्थिति में उसके लिए प्रैक्टिस करना मुश्किल हो रहा है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सेना उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराती है तो वह समीक्षा याचिका की सुनवाई के दौरान अपनी मुवक्किल की पैरवी करने के लिए पाकिस्तान लौटेंगे.


आसिया बीबी.(फोटो- Reuters)

मलूक ने कहा,‘‘मेरा परिवार भी गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना कर रहा है और संघीय सरकार को उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए.’’ इस बीच मामले के शिकायतकर्ता कारी मोहम्मद सलाम ने सुप्रीम कोर्ट से बीबी को बरी किये जाने संबंधी उसके 31 अक्टूबर के फैसले के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया. 

Protesters hold up placards while demanding the release of Asia Bibi. '€“ Reuters Photo/File

ईशनिंदा मामला: पाकिस्तान में स्थिति सामान्य हुई
उधर पाकिस्तान में ईशनिंदा के मामले में एक ईसाई महिला को बरी किये जाने के फैसले के खिलाफ सैकड़ों कट्टरपंथियों के नेतृत्व में कुछ दिनों से हो रहे विरोध प्रदर्शनों के रूकने के बाद शनिवार को स्थिति सामान्य हो गई है. सरकार के साथ हुए समझौते के बाद मामला शांत हो गया है.  आसिया बीबी (47) को पड़ोसियों से झगड़े के बाद इस्लाम की निंदा के लिए 2010 में सजा सुनाई गई थी. हालांकि वह खुद को बेकसूर बताती रही, लेकिन पिछले आठ साल में ज्यादातर समय उसने एकांत कारावास में बिताया. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गत बुधवार को समूचे देश में प्रदर्शन शुरू हो गया था. 

Protesters hold up placards while demanding the release of Asia Bibi, a Pakistani Christian woman sentenced to death for blasphemy, at a rally in Karachi on Nov. 25, 2010

इस्लामी राजनीतिक पार्टी तहरीक-ए-लबैक(टीएलपी) पाकिस्तान और अन्य समूहों की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख राजमार्गों और देश के विभिन्न भागों में सड़कों पर जाम लगाया. विरोध प्रदर्शन को वापस लिये जाने से पहले टीएलपी के प्रमुख खादिम हुसैन रिजवी ने अपने अनुयायियों से कहा,‘‘मैं उन सभी मुस्लिमों का आभारी हूं जिन्होंने पैगंबर मोहम्मद के प्रति सम्मान सुनिश्चित करने के लिए अपनी भूमिका निभाई है.’’

समझौते के बाद ट्विटर पर पुलिस ने घोषणा की कि सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग सभी तरह के यातायात के लिए खुले हैं. हालांकि उन्होंने लोगों से ‘‘अस्थिर और अप्रत्याशित’’ स्थिति के मद्देनजर किसी भी गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया. पुलिस ने बताया कि पंजाब और अन्य स्थानों पर स्कूल खुल गये है और इंटरनेट सेवा बहाल हो गई है.  

इनपुट भाषा से भी