‘एयर फोर्स वन’ में सवार होकर अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा भारत के लिए रवाना, आज सुबह 10.00 बजे पहुंचेंगे दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तीन दिवसीय भारत यात्रा के लिए भारतीय समयानुसार शनिवार शाम 5 बजकर 20 मिनट पर एंड्रयूज एयरफोर्स बेस से रवाना हो गए। ओबामा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर भारतीय गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि पहुंच रहे हैं।

‘एयर फोर्स वन’ में सवार होकर अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा भारत के लिए रवाना, आज सुबह 10.00 बजे पहुंचेंगे दिल्ली

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा आज भारत की अपनी तीन दिवसीय बहुप्रतीक्षित यात्रा पर रवाना हुए और उनके भारत प्रवास के दौरान दोनों देश जलवायु परिवर्तन, रक्षा एवं आर्थिक सहयोग क्षेत्रों में प्रगति का प्रयास करेंगे। ओबामा राष्ट्रपति के विमान ‘एयर फोर्स वन’ से मैरीलैंड स्थित एंड्रयूज एयर फोर्स बेस से रवाना हुए।

राष्ट्रपति ओबामा के साथ एक विशाल प्रतिनिधिमंडल भी भारत आ रहा है जिसमें प्रथम महिला नागरिक मिशेल ओबामा के अलावा कई शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। ओबामा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं। राष्ट्रपति का विमान जर्मनी के रामस्टीन में ईंधन भरने के लिए कुछ समय रूकेगा और ओबामा रविवार सुबह 10.00 बजे दिल्ली स्थित पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरेंगे।

दूसरी बार भारत के दौरे पर आ रहे राष्ट्रपति ओबामा के साथ उनकी कैबिनेट के कई सदस्य, प्रभावशाली कारोबारी और नैंसी पेलोसी सहित कई अमेरिकी सांसद मौजूद रहेंगे। उनके आगमन पर, ओबामा का राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति भवन में दोपहर करीब 12.00 बजे औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद, वह राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर बापू को श्रद्धांजलि देंगे और वहां एक पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे।
 
व्हाइट हाउस ने कहा कि ओबामा इसके बाद मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में दोपहर भोज में शामिल होंगे और वहां भारतीय प्रधानमंत्री के साथ ‘वाक एंड टाक’ में भाग लेंगे। इसके बाद दोनों नेता विस्तृत प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बैठक में भाग लेंगे जिसके करीब एक घंटे तक चलने की उम्मीद है।

रविवार शाम को ओबामा का आईटीसी मौर्या शेरेटन होटल में अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों और परिवारों से मिलने का कार्यक्रम है। इसके बाद वह राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मेजबानी में सरकारी भोज में शामिल होने राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे। ओबामा 26 जनवरी को प्रथम महिला के साथ मुख्य अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेंगे। ओबामा राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मेजबानी में आयोजित जलपान ‘एट होम’ में भी शामिल होंगे।

दोपहर को ओबामा और मोदी सीईओ फोरम गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे तथा अमेरिका-भारत कारोबारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति 27 जनवरी की सुबह सिरीफोर्ट आडिटोरियम में संबोधन देंगे और फिर सउदी अरब के लिए रवाना हो जाएंगे।

ओबामा की रवानगी के बीच, व्हाइट हाउस ने कहा कि ओबामा गणतंत्र दिवस से जुड़े महोत्सव कार्यक्रमों का मौके पर अनुभव करने के लिए भारत जाने को लेकर उत्साहित हैं। व्हाइट हाउस के प्रेस अधिकारी जोश अर्नेस्ट ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘राष्ट्रपति इस दौरे को लेकर बहुत उत्साहित हैं। गणतंत्र दिवस के अतिथि के रूप में आमंत्रित होना स्वाभाविक रूप से सम्मान है। राष्ट्रपति गणतंत्र से जुड़े समारोह का प्रत्यक्षत: अनुभव लेने को लेकर उत्साहित हैं।’

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘इस महत्वपूर्ण दिवस पर होने वाली परेड और इसके उपलक्ष्य में आयोजित अन्य कार्यक्रमों के बारे में हमें कई रोचक जानकारियां मिली हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति भारत में राजनेताओं के साथ होने वाली कई गंभीर बैठकों को लेकर और निश्चित रूप से प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक को लेकर आशान्वित हैं।’

उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति इसे न केवल दोनों देशों के बीच बल्कि दोनों नेताओं के बीच भी परस्पर मजबूत एवं बेहतर संबंध बनाने के अवसर के तौर पर देख रहे हैं, ‘जिनकी उद्देश्यों को लेकर समझ और उत्साह में बहुत समानता है।’ एर्नेस्ट ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका एवं भारत के संबंधों में नयी ऊर्जा एवं उत्साह का संचार करने में रूचि रखते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने भी यही इच्छा जाहिर की है। अपने कार्यकाल में दूसरी बार भारत की यात्रा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा का यह कदम भारत, भारतीयों और द्विपक्षीय संबंधों के प्रति उनकी वचनबद्धता को दर्शाता है।’

ओबामा की भारत यात्रा के दौरान उनके एजेंडे में आर्थिक नीति महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। एर्नेस्ट ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे में कई अमेरिकी कारोबारी दिग्गज भी भारत यात्रा पर जाएंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत में अमेरिकी कारोबारियों के लिए अपार आर्थिक संभावनाएं हैं।’ व्हाइट हाउस प्रेस सचिव ने कहा, ‘वह अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जो अमेरिकी लोगों के फायदे के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में रूचि रखते हैं। निश्चित रूप से इसके लिए वह भारत में मौजूद उद्योग के अवसरों को एक बेहतर मौके के तौर पर देखते हैं।’