भूटान ने कहा, डोकलाम विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद

भूटान की सरकार द्वारा चीन के विदेश मंत्रालय के इस दावे को खारिज किए जाने के बाद हुई कि भूटान ने चीन से कहा था कि डोकलाम में त्रिपक्षीय स्थल भूटान का भूभाग नहीं है.

भूटान ने कहा, डोकलाम विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद
भूटान के विदेश मंत्री दामचो दोरजी. (फाइल फोटो)

काठमांडू: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुख्रवार (11 अगस्त) अपने भूटानी समकक्ष दामचो दोरजी से मुलाकात की. दोरजी ने उम्मीद जताई कि सिक्किम सेक्टर में भारत और चीनी सैनिकों के बीच जारी गतिरोध ‘शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण’ तरीके से हल हो जायेगा. बिम्सटेक के विदेशमंत्रियों की यहां आयोजित बैठक के इतर सुषमा से मुलाकात के बाद दोरजी का यह बयान आया है.

दोरजी ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमें उम्मीद है कि डोकलाम में स्थिति शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से हल हो जायेगी.’ ड्रैगन द्वारा यह दावा किये जाने के बाद कि भूटान यह मानता है कि डोकलाम चीन का हिस्सा है, यह भूटान की तरफ से आई पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है. चीन ने हालांकि अपने दावे के पक्ष में कोई साक्ष्य नहीं दिये थे.

स्वराज और दोरजी दोनों ही यहां दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के समूह बे ऑफ बंगाल इनिशियेटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिये पहुंचे हैं. भारत की तरह से हालांकि इस बैठक में हुई चर्चा को लेकर कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गयी. दोनों नेताओं के बीच यह डोकलाम में मौजूदा गतिरोध की पृष्ठभूमि में हुई.

भारत और चीन सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में 16 जून से ही आमने-सामने हैं. भारतीय सैनिकों द्वारा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को इलाके में सड़क बनाने से रोके जाने के बाद यह गतिरोध खड़ा हुआ था. सुषमा ने श्रीलंका के विदेश राज्यमंत्री वसंत सेनानायके से भी मुलाकात की.

डोकलाम तनाव के बीच भूटान के विदेश मंत्री से मिलीं सुषमा स्वराज, चीन से चल रहा है विवाद

सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में भारतीय एवं चीनी सैनिकों के गतिरोध के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार (11 अगस्त) को अपने भूटानी समकक्ष दामचो दोरजी से यहां मुलाकात की और समझा जाता है दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. दोनों नेता यहां बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल (बिम्सटेक) के सदस्य देशों से विदेश मंत्रियों की एक बैठक में हिस्सा लेने के लिये आये हैं. बिम्सटेक दक्षिण एशिया एवं दक्षिण पूर्व एशिया के देशों का समूह है. बांग्लादेश, भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल बिम्सटेक के सदस्य देश हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बैठक की तस्वीर पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, ‘एक करीबी मित्र एवं पड़ोसी के साथ वक्त. बिम्सटेक विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर विदेश मंत्री ने भूटान के विदेश मंत्री दामचो दोरजी से मुलाकात की.’