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अमेरिका में प्रेगनेंसी के 20 सप्ताह के बाद भी महिलाएं करवा सकेंगी गर्भपात

अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट्स ने गर्भपात से संबंधित उस विवादित विधेयक को पराजित कर दिया, जिसमें 20 हफ्ते के गर्भ को गिराने पर प्रतिबंध लगाने एवं उसे आपराधिक करार देने का प्रावधान किया गया था.

अमेरिका में प्रेगनेंसी के 20 सप्ताह के बाद भी महिलाएं करवा सकेंगी गर्भपात
अमेरिका में 45 साल पहले गर्भपात को कानूनी करार दिया गया था (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वाशिंगटन : अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट्स ने गर्भपात से संबंधित उस विवादित विधेयक को पराजित कर दिया, जिसमें 20 हफ्ते के गर्भ को गिराने पर प्रतिबंध लगाने एवं उसे आपराधिक करार देने का प्रावधान किया गया था. इससे कांग्रेस में कंजर्वेटिव की लंबे समय से प्राथमिकता रहा यह विधेयक टल गया. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'पेन-कैपेबल अनबॉर्न चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट' की नाकामी को ‘‘निराशाजनक’’ बताते हुए कहा कि इस पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता है. 

पर्याप्त वोट ना मिलने के कारण विधेयक रूका
20 हफ्ते के गर्भ को गिराने पर प्रतिबंध लगाने एवं उसे आपराधिक करार देने का प्रावधान को जारी रखने के लिए 100 सदस्यीय सीनेट में मतदान किया गया था. विधेयक को पारित करने के लिए सरकार को 60 मतों की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार को 46 वोटों से ही संतुष्टि करनी पड़ी. 

22 जनवरी को सड़कों पर लोगों ने किया था प्रदर्शन
अमेरिका में गर्भपात के विरोध में वार्षिक 'वॉक फॉर लाइफ' अभियान के तहत लगभग 30,000 लोगों ने 22 जनवरी को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारी इस रैली के दौरान एक बड़ा बैनर थामे अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में सड़कों पर उतरे, जिस पर लिखा था, 'गर्भपात से महिलाओं को ठेस पहुंचती हैं'. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यह रैली गर्भपात के विरोध में और अजन्मे बच्चों के जीवन के समर्थन में 'वॉक फॉर लाइफ' संगठन द्वारा आयोजित देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा थी.

हर साल 22 जनवरी को होता है प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन हर साल 22 जनवरी को अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले रो वी.वेड की वर्षगांठ पर होता है. इस फैसले के तहत गर्भपात को वैध करार दिया गया था. सर्वोच्च न्यायालय ने 45 साल पहले इस ऐतिहासिक फैसले में देशभर में गर्भपात को कानूनी करार दिया था. सर्वोच्च न्यायालय के 1973 के लोकप्रिय रो वी.वेड फैसले में अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत महिलाओं को गर्भपात का कानूनी अधिकार दिया था.

गर्भपात कांड के बाद अमेरिकी सांसद ने दिया इस्तीफा
पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका में अपनी महिला मित्र से गर्भपात कराने की बातचीत करते हुए पकड़े गए गर्भपात विरोधी रिपब्लिकन सांसद टिम मर्फी ने इस्तीफा दे दिया था. मर्फी ने यह कदम तब उठाया था जब एक दिन पहले उन्होंने घोषणा की थी कि वह नवंबर 2018 में फिर से चुनाव नहीं लड़ेंगे. सदन के स्पीकर पॉल रेयान ने एक बयान में कहा था कि मुझे कांग्रेस सदस्य टिम मर्फी का इस्तीफा मिला जो 21 अक्तूबर 2017  से प्रभावी होगा. यह मर्फी का अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला था और मैं इसका समर्थन करता हूं.’’मर्फी ने हाल ही में गर्भधारण के 20 सप्ताह बाद गर्भपात कराने को अपराध के दायरे में लाने का विधेयक पेश किया था.