पाक विरोध के बावजूद बीजेपी सरकार को आएगी वार्ता की सद्बुद्धि: परवेज मुशर्रफ

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि बीजेपी सरकार को ‘सद्बुद्धि आएगी’ और वह भारत में पाकिस्तान विरोध और धार्मिक असहिष्णुता के बावजूद पाकिस्तान के साथ बातचीत बहाल करेगी।

पाक विरोध के बावजूद बीजेपी सरकार को आएगी वार्ता की सद्बुद्धि: परवेज मुशर्रफ
फाइल फोटो

कराची : पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि बीजेपी सरकार को ‘सद्बुद्धि आएगी’ और वह भारत में पाकिस्तान विरोध और धार्मिक असहिष्णुता के बावजूद पाकिस्तान के साथ बातचीत बहाल करेगी।

मुशर्रफ ने कहा, 'मैं जानता हूं कि आखिर में बीजेपी सरकार में भी सद्बुद्धि आएगी। हमने कांग्रेस और बीजेपी दोनों सरकारों के साथ काम किया है और लंबित मुद्दों के समाधान के लिए निरंतर बातचीत ही आगे बढ़ने का रास्ता है।' 

सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की पुस्तक ‘निदर ए हॉक नॉर ए डव’ के विमोचन के मौके पर बोलते हुए मुशर्रफ ने ये बयान दिया। इस मौके पर पूर्व भारतीय पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष सुधींद्र कुलकर्णी भी उपस्थित थे। 

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने मुंबई में कसूरी के पुस्तक विमोचन से पहले शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने कुलकर्णी के चेहरे पर कालिख फेंक दी थी। मुशर्रफ ने कहा कि भारत-पाक संबंध उनके कार्यकाल के दौरान अच्छे थे और कई विवादों का समाधान होने वाला ही था।

उन्होंने कहा कि दोनों नौसेना की ओर से सर क्रीक का रेखांकन किया गया और सियाचिन में रेखांकन भी होने की तैयारी थी। एक सवाल के जवाब में मुशर्रफ ने कहा, 'मुझे अफसोस है कि हम इतने निकट थे जो कभी नहीं हुआ।' पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि कार्यकाल में कश्मीर मुद्दे को लेकर चार प्रारूपों पर भारत और पाकिस्तान ने करीब-करीब सहमति बना ली थी।

उन्होंने कहा कि इनमें कश्मीर में सेना की मौजूदगी धीरे-धीरे कम करना, क्षेत्र में स्व-शासन सुनिश्चित करना, कश्मीर के लिए एक निगरानी संस्था का गठन करना और लोगों की आवाजाही के लिए छह रास्ते खोलकर नियंत्रण रेखा को अप्रासंगिक बनाना शामिल था।