ब्रह्मपुत्र नदी की धारा मोड़ने की किसी योजना से चीन का इनकार, कहा- ऐसा कुछ नहीं

सरकारी ग्लोबल टाइम्स की खबर के मुताबिक दियानझोंग जल डाइवर्जन परियोजना के मुख्य अभियंता झाओ शिजिये ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं है और उन्होंने ऐसी योजना के बारे में कभी नहीं सुना.

ब्रह्मपुत्र नदी की धारा मोड़ने की किसी योजना से चीन का इनकार, कहा- ऐसा कुछ नहीं

बीजिंग: चीनी जल परियोजनाओं के प्रभारी एवं एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार (1 नवंबर) को कहा कि उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी की धारा तिब्बत से शिंजियांग के शुष्क प्रदेशों की ओर मोड़ने के लिए 1,000 किमी लंबी सुरंग बनाने की किसी योजना के बारे में कभी नहीं सुना. गौरतलब है कि एक दिन पहले ही चीनी विदेश मंत्रालय ने इस पर मीडिया में आई एक खबर को गलत बताया था. हांगकांग आधारित दक्षिण चीन मॉर्निंग पोस्ट ने सोमवार (30 अक्टूबर) को खबर दी थी कि चीनी इंजीनियर ऐसी तकनीक का परीक्षण कर रहे हैं, जिनका इस्तेमाल दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बनाने में हो सकता है, जिसका उद्देश्य ब्रह्पुत्र नदी के जल को अरुणाचल के पास स्थित तिब्बत से शिंजियांग के शुष्क प्रदेशों की ओर मोड़ना है.

सरकारी ग्लोबल टाइम्स की खबर के मुताबिक दियानझोंग जल डाइवर्जन परियोजना के मुख्य अभियंता झाओ शिजिये ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं है और उन्होंने ऐसी योजना के बारे में कभी नहीं सुना. यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने तिब्बत - शिंजियांग सुरंग के बारे में कोई अफवाह सुनी हो. गौरतलब है कि मंगलवार (31 अक्टूबर) को चीनी विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने इस बारे में मीडिया में आई खबर को झूठा करार देते हुए खारिज कर दिया था.

चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी के जलप्रवाह को मोड़ने की योजना संबंधी रिपोर्ट का खंडन किया

इससे पहले चीन ने उस मीडिया रिपोर्ट को 'झूठी और गलत' बताते हुए मंगलवार (31 अक्टूबर) को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि अरुणाचल प्रदेश की की सीमा से लगे तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी के जलप्रवाह को शिनजियांग की तरफ मोड़ने के लिए 1,000 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की योजना बनाई जा रही है. हांगकांग के अखबार 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चीनी इंजीनियर ऐसी तकनीकों का परीक्षण कर रहे है जिनका इस्तेमाल विश्व की सबसे लंबी सुरंग बनाने में किया जा सकता है.

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''यह असत्य है. यह झूठी रिपोर्ट है.''  उन्होंने कहा था कि चीन सीमा पार नदी सहयोग को महत्व देता रहेगा. रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित सुरंग चीन के सबसे बड़े प्रशासनिक क्षेत्र, सूखी पट्टियों और रेगिस्तानी भूमि को पानी उपलब्ध कराएगी. 

(इनपुट एजेंसी से भी)