close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने EU से ब्रेक्जिट वार्ता जल्द आगे बढ़ने की अपील की

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने ईयू नेताओं से अपील की कि वे व्यापार को लेकर ब्रेक्जिट वार्ता को जल्द से जल्द आगे बढ़ाएं.

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने EU से ब्रेक्जिट वार्ता जल्द आगे बढ़ने की अपील की
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री को यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के विधेयक पर चार वोटों से हार का सामना करना पड़ा है.(फाइल फोटो)

ब्रसेल्स: ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने ईयू नेताओं से अपील की कि वे व्यापार को लेकर ब्रेक्जिट वार्ता को जल्द से जल्द आगे बढ़ाएं. टेरीजा के 27 समकक्षों के शुक्रवार को इस बात पर सहमत होने की उम्मीद है कि वार्ता को भावी संबंधों की दिशा में आगे ले जाने के लिए आयरलैंड की सीमा और ब्रिटेन के ईयू से अलग होने के विधेयक समेत इससे जुड़े अहम मामलों पर पर्याप्त प्रगति हुई है. ईयू के वार्ता संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार, वे ब्रेक्जिट के बाद हस्तांतरण की प्रक्रिया संबंधी वार्ता जनवरी में आरंभ करेंगे लेकिन मार्च तक व्यापार वार्ता आरंभ नहीं करेंगे.

इनमें ब्रिटेन के लक्ष्यों को लेकर अधिक स्पष्टता की अपील की गई है. ब्रिटेन के एक अधिकारी ने कहा कि रात्रिभोज पर नेताओं को संबोधित करते समय टेरीजा ‘‘व्यापार वार्ता पर जल्द से जल्द आगे बढ़ाने की इच्छा को लेकर स्पष्ट’’थीं. टेरीजा ने उन्हें बताया कि वह ‘‘आगामी चरण में जाने और महत्वाकांक्षा और कलात्मकता के साथ इस दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा को गोपनीय नहीं रखना चाहतीं. ’’उन्होंने कहा कि ‘‘विशेष प्राथमिकता’’हस्तांतरण अवधि होनी चाहिए.

यह भी पढ़ें- यूरोपीय संघ के अध्यक्ष ने कहा, ब्रेक्जिट वार्ता में अभी काफी मुश्किल वक्त आना बाकी

इससे पहले टेरीजा ने उनकी ब्रेक्जिट रणनीति पर संसद में मिली हार को खारिज करने की कोशिश की.  कई अन्य ईयू नेताओं ने भी इस मत के प्रभाव को ज्यादा तवज्जो नहीं देने की बात कही है.

गौरतलब है कि टेरिजा को संसद में ब्रेक्जिट से जुड़े एक महत्वपूर्ण मतदान में हार का सामना करना पड़ा है.  उनकी पार्टी के बागियों ने विधेयक में एक ऐसे संशोधन का समर्थन किया है जो यूरोपीय संघ के साथ अलग होने के अंतिम करार में अपनी बात रखने की उन्हें कानूनी गारंटी देता है. हाउस ऑफ कॉमन्स में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री को यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के विधेयक पर चार वोटों से हार का सामना करना पड़ा है.