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अंगकोरवाट मंदिर की प्रतिकृति बनाने के मुद्दे को भारत के साथ उठाया कंबोडिया ने

कंबोडिया ने आज भारत से बिहार में दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर अंगकोरवाट की प्रतिकृति बनाने की एक निजी ट्रस्ट की योजना पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा। कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री होर नामहोंग ने कंबोडिया में भारत के निवर्तमान राजदूत दिनेश के पटनायक के साथ मुलाकात में यह विषय उठाया।

नोम पेन्ह : कंबोडिया ने आज भारत से बिहार में दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर अंगकोरवाट की प्रतिकृति बनाने की एक निजी ट्रस्ट की योजना पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा। कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री होर नामहोंग ने कंबोडिया में भारत के निवर्तमान राजदूत दिनेश के पटनायक के साथ मुलाकात में यह विषय उठाया।

सरकारी एकेपी समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चुम साउनरी के हवाले से कहा कि उप प्रधानमंत्री ने कहा कि अंगकोरवाट का मंदिर कंबोडिया का राष्ट्रीय प्रतीक है। उन्होंने भारत सरकार से मंदिर की प्रतिकृति बनाने की कंपनी की योजना को पूरी तरह रोकने का अनुरोध किया।

पटनायक ने बताया, मुद्दा जरूर उठाया गया था लेकिन मैं दोहराना चाहूंगा, जो बात 2012 में संसद में तत्कालीन संस्कृति मंत्री कुमारी शैलजा ने कही थी कि मंदिर बना रहे लोग अंगकोरवाट मंदिर की प्रतिकृति नहीं बनाएंगे। पटनायक ने नामहोंग से वादा किया कि कंबोडिया के अनुरोध को भारत सरकार तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट ने अभी तक अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण नहीं किया है।

उन्होंने कहा, ट्रस्ट के लोगों ने हमें आश्वासन दिया कि परियोजना दुनियाभर के अनेक मंदिरों से प्रभावित है जिसमें अंगकोरवाट भी है। वे इसकी प्रतिकृति बनाने की कोशिश नहीं करेंगे। ट्रस्ट के सचिव किशोर कुणाल के अनुसार मंदिर बनाने के लिए कोणार्क के मंदिर के साथ ही नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर और अंगकोरवाट आदि से भी प्रेरणा ली गयी है।