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चेन्नई में भारी बारिश ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा: भारतीय विशेषज्ञ

पेरिस जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे भारतीय पर्यावरण विशेषज्ञों ने आज (गुरुवार) कहा कि चेन्नई में भारी बारिश ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा है।

चेन्नई में भारी बारिश ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा: भारतीय विशेषज्ञ
बाढ़ के पानी से डूबी सड़क पर खड़ी कार (फोटो साभार- ट्वीटर)

ले बोरजे (फ्रांस) : पेरिस जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे भारतीय पर्यावरण विशेषज्ञों ने आज (गुरुवार) कहा कि चेन्नई में भारी बारिश ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा है।

दिल्ली आधारित सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरन्मेंट (सीएसई) के उपमहानिदेशक चंद्र भूषण ने कहा, ‘अब हम जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों का अनुभव कर रहे हैं। चेन्नई में हो रही भीषण बारिश गर्म होती हमारी धरती का सीधा नतीजा है।’ उन्होंने कहा, ‘वैश्विक औसत तापमान में एक डिग्री से कम वृद्धि हुई है। मैं सोचता हूं कि जब तापमान में दो डिग्री की वृद्धि होगी तब क्या होगा।’ भीषण बारिश ने चेन्नई के कई हिस्सों और इसके उपनगरीय इलाकों तथा पुडुचेरी को जलमग्न कर दिया है। अतिवृष्टि से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। युद्ध स्तर पर राहत अभियान चलाने के लिए सेना को भी तैनात करना पड़ा है।

एक्शन एड इंडिया के हरजीत सिंह ने कहा, ‘जलवायु परिवर्तन हमेशा से एक सहायक कारक रहा है। हम यह नहीं कह सकते कि यह शत प्रतिशत जलवायु परिवर्तन की वजह से ही है। यहां हम तबाही के स्तर की बात कर रहे हैं और इस तरह की बारिश 100 साल के बाद हुई है।’ उन्होंने कहा, ‘यदि हम कश्मीर से उत्तराखंड तक पिछले पांच वर्षों की आपदाओं को देखें, यदि हम इनके रूख को देखें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह जलवायु परिवर्तन की वजह से है।’ एक प्रस्तुति के दौरान उन्होंने चेन्नई में बारिश से हुई तबाही को भी प्रदर्शित किया।