ओली को बचाने में जुटा है चीन! विरोधी नेताओं को इस तरकीब से मना रहा

सूत्रों के मुताबिक चीन नेपाल की ओली सरकार को बचाने के लिए विरोधी नेताओं को साधने की कोशिश में है  नेपाल में केपी ओली सरकार की विरोध बढ़ता जा रहा है. लेकिन इस बीच चीन की कवायद भी तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि चीन की पूरी कोशिश ओली सरकार को सुरक्षित रखने की है.

ओली को बचाने में जुटा है चीन! विरोधी नेताओं को इस तरकीब से मना रहा

नई दिल्ली: नेपाल में केपी ओली सरकार की विरोध बढ़ता जा रहा है. लेकिन इस बीच चीन की कवायद भी तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि चीन की पूरी कोशिश ओली सरकार को सुरक्षित रखने की है. सूत्रों के मुताबिक नेपाल में चीन के राजदूत हू यान्की ने ओली सरकार से नाराज  नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के नेताओं से मुलाकात की है. इस मुलाकात के जरिए समझौता कराकर ओली सरकार को बचाने की कोशिश की जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक चीन के निर्देश पर ही चीनी राजदूत नेपाल की आंतरिक राजनीति में दखलअंदाजी कर रहे हैं. चीनी राजदूत ने नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के बड़े नेता माधव कुमार नेपाल से उनके घर पर मुलाकात की. रविवार को नेपाल के कोटेश्वर में हुई इस मुलाकात में चीन के प्रतिनिधि ने नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी में आई दरार पर चिन्ता जताई. माधव कुमार नेपाल ओली सरकार के विरोधी हैं.

चीनी राजदूत ने नेपाल के राष्ट्रपति विद्या भंडारी से भी मुलाकात की है. बता दें कि कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर कुर्सी छोड़ने का दबाव लगातार बढ़ रहा. असल में नेपाल की ओली सरकार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरी हुई है. इसी वजह से नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के अंदर भी गहरी नाराजगी है. यहां तक कि ओली  के खिलाफ उनकी ही पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है.

पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कुमार दहल 'प्रचंड' भी लगातार ओली के इस्तीफे के लिए दबाव बना रहे हैं. खबर के मुताबिक इस दौरान ओली ने प्रचंड से भी मुलाकात करके रास्ता निकालने की कोशिश की है. लेकिन पार्टी के 
बड़े नेताओ ने खुलकर ओली से कुर्सी छोड़ने के लिए कहा है. माना जा रहा है कि चीन इस मामले में दखल देकर ओली सरकार बचाने की जुगत में है.