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PM मोदी की मेहनत लाई रंग, भारत और चीन के दिलों को जोड़ेगा 'योग'

पीएम मोदी के दौरे के बाद पहला ‘चीन-भारत योग कॉलेज’ स्थापित किया गया था. 

PM मोदी की मेहनत लाई रंग, भारत और चीन के दिलों को जोड़ेगा 'योग'
पहली शाखा लिजिआंग में खोलने की घोषणा की गई थी.(फाइल फोटो)

बीजिंग: भारत की मानसिक तथा आध्यात्मिक रूप में स्वस्थ जीवन जीने की प्राचीन कला ‘योग’ की चीन में बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए युन्नान प्रांत स्थित पहले योग कॉलेज ने देश में 50 शाखाएं खोलने की योजना बनाई है. सरकारी मीडिया की एक खबर में यह जानकारी दी गई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे के बाद वर्ष 2015 में कुनमिंग की ‘युन्नान मिन्जू यूनिवर्सिटी’ में पहला ‘चीन-भारत योग कॉलेज’ स्थापित किया गया था. सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार युन्नान विश्वविद्यालय में शनिवार को उनकी पहली शाखा लिजिआंग में खोलने की घोषणा की गई थी.

बढ़ती मांग पर गौर करते हुए ‘चीन-भारत योग कॉलेज’ ने इसे विभिन्न शहरों तक पहुंचाने का संकल्प लिया है. एजेंसी ने चीन-भारत योग कॉलेज के डीन चेन लुयान के हवाले से कहा, ‘‘योग शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए कुल 50 शाखाएं खोलीं जाएंगी.’’ इस साल 21 जून को संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में भारत के बाद सबसे अधिक चीनी नागरिकों ने ही हिस्सा लिया था. 

'भारत-चीन संबंधों में एक सेतु का काम करेगा चीन का Yoga कॉलेज'
आपको बता दें कि इससे पहले चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावाले ने चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कहा था कि योग अब भारत और चीन के लोगों को एक दूसरे के करीब लाने में सेतु बन गया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किये जाने के बाद से हर वर्ष चीन में योग दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शिरकत करते हैं. 

बंबावाले ने कहा था, ‘‘मैं कहूंगा कि चीन में हजारों लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया. हालांकि लाखों अन्य लोग अपने तरीके से या तो व्यक्तिगत रुप से या छोटे छोटे समूहों में योग कर रहे होंगे.’’ उन्होंने कहा कि चीन में 25-30 शहरों में लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी के साथ यह दिवस मनाया जा रहा है.

इनपुट भाषा से भी