दलाई लामा की अरूणाचल यात्रा पर चीन ने भारत को दिखाए तेवर, कहा- द्विपक्षीय संबंधों को पहुंचेगा नुकसान

चीन ने आज कहा कि उसने दलाई लामा को अरूणाचल प्रदेश के विवादित भाग की यात्रा करने की अनुमति देने पर भारत के समक्ष राजनयिक विरोध दर्ज कराया है.

दलाई लामा की अरूणाचल यात्रा पर चीन ने भारत को दिखाए तेवर, कहा- द्विपक्षीय संबंधों को पहुंचेगा नुकसान

बीजिंग: चीन ने आज कहा कि उसने दलाई लामा को अरूणाचल प्रदेश के विवादित भाग की यात्रा करने की अनुमति देने पर भारत के समक्ष राजनयिक विरोध दर्ज कराया है.

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने बीजिंग में भारत के राजदूत विजय गोखले के समझ विरोध दर्ज कराया है. तिब्बत के 81 वर्षीय आध्यात्मिक नेता अरूणाचल प्रदेश में अपनी नौ दिन की यात्रा शुरू करने कल पश्चिमी कामेंग जिले के बोमडिला पहुंचे थे. वर्ष 2009 में अरूणाचल प्रदेश के दौरे के आठ साल बाद दलाई लामा राज्य पहुंचे. उनकी वह यात्रा उस घटना के ठीक 50 वर्षों बाद हुई थी जब वह तिब्बत के ल्हासा से भारत आए थे. इससे पहले, बीजिंग ने नई दिल्ली को आगाह किया था कि दलाई लामा की तवांग यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचेगा. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पत्रकारों से कहा, भारत ने चीन की चिंता की उपेक्षा करते हुए भारत-चीन सीमा के विवादित पूर्वी क्षेत्र में दलाई लामा की यात्रा का हठपूर्वक प्रबंध किया जिससे चीन के हितों और भारत-चीन संबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है. 

चीनी मीडिया ने भी दिखाए तेवर
इससे पहले चीन के सरकारी मीडिया ने आज कहा कि भारत चीन के संयम की सीमा को चुनौती देने के लिए दलाई लामा का कूटनीतिक इस्तेमाल कर रहा है. चीनी अखबार में धमकी दी गयी कि हो सकता है भारत ने अपने मूल हितों की रक्षा के बीजिंग के संकल्प का आकलन कम कर के किया है. दलाई लामा के अरूणाचल प्रदेश में तवांग के दौरे पर चीन की यह प्रतिक्रिया सरकारी ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में आई है. ग्लोबल टाइम्स सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी के प्रकाशन का हिस्सा है और उसे कट्टर राष्ट्रवादी रूख के लिये जाना जाता है.

भारत कभी चीन के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता
गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू के कल के बयान के संदर्भ में लेख में कहा गया, चीन ने इस मुद्दे पर चिंता जाहिर की है, लेकिन नयी दिल्ली ने दावा किया कि चीन को उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिये. लेख में कहा गया, यह बेतुका है. रिजीजू ने कहा है कि भारत कभी चीन के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता, एक चीन नीति का सम्मान करता है और इसलिये चीन को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप या दलाई लामा के दौरे का विरोध नहीं करना चाहिये. दलाई लामा के अरूणाचल प्रदेश के दौरे में कोई राजनीति नहीं है. यह पूरी तरह धार्मिक है.

चीन ने कहा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान
चीन ने आज कहा कि वह दलाई लामा को विवादित अरूणाचल प्रदेश की यात्रा करने की अनुमति देने पर भारत के समक्ष राजनयिक विरोध दर्ज करवाएगा क्योंकि इससे द्विपक्षीय संबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है. चीन के विदेश मंत्री की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पत्रकारों से कहा, भारत ने चीन की चिंता की उपेक्षा करते हुए भारत-चीन सीमा के विवादित पूर्वी क्षेत्र में दलाई लामा की यात्रा का हठपूर्वक प्रबंध किया जिससे चीन हितों और भारत-चीन संबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि चीन इस कदम के खिलाफ भारत के समक्ष दृढ़तापूर्वक विरोध दर्ज कराएगा.

अरूणाचल के दौरे पर हैं दलाई लामा 
कल तिब्बत के 81 वर्षीय आध्यात्मिक नेता अरूणाचल प्रदेश में अपनी नौ दिन की यात्रा शुरू करने पश्चिमी कामेंग जिले के बोमडिला पहुंचे थे. चीन अरूणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों को दक्षिणी तिब्बत कहता है और वह पहले भी यह चेतावनी दे चुका है कि यदि भारत दलाई लामा को अरूणाचल प्रदेश आने देता है तो उसे संबंधों में ‘भारी नुकसान’ का सामना करना पड़ेगा.  दलाई लामा ने पिछली बार नवंबर 2009 में अरूणाचल प्रदेश की यात्रा की थी.

दलाई लामा ने 1983-2009 के बीच छह बार अरूणाचल प्रदेश की यात्रा की
तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा ने 1983 से 2009 के बीच छह बार अरूणाचल प्रदेश की यात्रा की. पूर्वोत्तर के इस राज्य की उनकी मौजूदा यात्रा से चीन नाराज है. दलाई लामा की वेबसाइट के मुताबिक उनकी पहली यात्रा 1983 में हुई थी. उनकी दूसरी यात्रा 1996 में हुई . इसके बाद उन्होंने 1997 में और फिर 2003 में दो बार राज्य की यात्रा की. रिपोर्ट के मुताबिक 2009 में उन्होंने छठी बार अरूणाचल प्रदेश की यात्रा की थी. हालांकि, चीन दलाई लामा की प्रदेश की यात्रा पर यह कहते हुए ऐतराज जता रहा है कि इससे द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा. इस बीच, भारत ने चीन के ऐतराज को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनकी यात्रा को लेकर कोई बनावटी विवाद पैदा नहीं किया जाना चाहिए और बीजिंग से अपने अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा.