हांगकांग की आवाज दबाने के लिए चीनी संसद ने नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को दी मंजूरी

चीन की संसद ने हांगकांग (Hong Kong) में नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने को मंजूरी दे दी है. चीन ने यह फैसला पिछले साल हांगकांग में हुई हिंसा के मद्देनजर लिया है.

हांगकांग की आवाज दबाने के लिए चीनी संसद ने नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को दी मंजूरी
फाइल फोटो

बीजिंग: चीन की संसद ने हांगकांग (Hong Kong) में नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने को मंजूरी दे दी है. चीन ने यह फैसला पिछले साल हांगकांग में हुई हिंसा के मद्देनजर लिया है. चीनी सरकार चाहती है कि उसके खिलाफ उठने वाली हर आवाज को दबा दिया जाए, इसलिए उसने नए कानून के जरिये हांगकांग के प्रदर्शनकारियों को कमजोर करने का प्रयास किया है.  

चीनी संसद ने लगभग सर्वसम्मिति से इस प्रस्ताव को पारित किया. चीन के इस नए कानून में देशद्रोह, आतंकवाद, विदेशी दखल और विरोध-प्रदर्शन जैसे गतिविधियों को रोकने का प्रावधान होगा. इसके अलावा, अब चीनी सुरक्षा एजेंसियां हांगकांग में काम भी कर पाएंगी. मौजूदा व्यवस्था के तहत उन्हें इसकी इजाजत नहीं है. साथ ही चीन के राष्ट्रगान का अपमान करना भी अपराध के दायरे में आ जाएगा. बीजिंग की यह कवायद एक तरह से हांगकांग के अर्ध-स्वायत्त दर्जे को समाप्त करने के लिए है.   

अगस्त तक बनेगा कानून
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) ने हांगकांग के लिए नए सुरक्षा कानून समेत आखिरी दिन कई विधेयकों को मंजूरी दी. अब कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति ने यह विधेयक पारित कर दिया है और यह अगस्त तक कानून बन सकता है. इस विधेयक के समर्थन में 2,878 जबकि विपक्ष में मात्र एक वोट पड़ा. विधेयक के पारित होते ही पूरा ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल (Great Hall of the People) तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. 

लोगों को सता रहा डर
जब चीनी सरकार ने नया कानून लाने की घोषणा की थी, तभी से इसका विरोध हो रहा है. कई मानवाधिकार संगठनों और अंतराष्ट्रीय सरकारों ने भी इस कानून पर आपत्ति जताई है. आलोचकों को डर है कि इस कानून से बीजिंग में नेतृत्व पर सवाल उठाने, प्रदर्शन में शामिल होने और स्थानीय कानून के तहत अपने मौजूदा अधिकारों का उपयोग करने के लिए हांगकांग निवासियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है. हालांकि, हांगकांग में अधिकारियों का कहना है कि यह कानून बढ़ती हिंसा और आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए आवश्यक है और क्षेत्र के निवासियों को इससे डरने की जरूरत नहीं है.

अमेरिका, ब्रिटेन ने की निंदा
अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने नए सुरक्षा कानून की निंदा करते हुए इसे हांगकांग वासियों की आजादी पर हमला बताया है. कोरोना वायरस पर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के साथ ही व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हांगकांग के लिए चीन के नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून से नाखुश हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बुधवार को कांग्रेस को सूचित किया कि ट्रम्प प्रशासन अब हांगकांग को चीनी भूभाग का स्वायत्त क्षेत्र नहीं मानता, जिससे पूर्व ब्रिटिश कॉलोनी को अमेरिका द्वारा दिए व्यापार और वित्तीय दर्जे में प्राथमिकता को वापस लेने की संभावना पैदा हो गई है. 

अदालतों में होगी दिक्कत
वहीं, ‘हांगकांग बार एसोसिएशन’ ने कहा कि चीन का प्रस्तावित नया सुरक्षा कानून अदालतों में दिक्कतों में फंस सकता है क्योंकि बीजिंग के पास अपने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को पूर्व ब्रिटिश कॉलोनी के लिए लागू करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है. 

मुक़दमे के लिए नहीं जाना होगा चीन
चीन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हांगकांग में किए अपराधों के आरोपियों को नए सुरक्षा कानून के तहत मुकदमे का सामना करने के लिए चीन नहीं भेजा जाएगा. हांगकांग स्थित अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चीन के नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को हांगकांग की कानून व्यवस्था में शामिल किया जाएगा. इस कानून में मुकदमे का सामना करने के लिए आरोपियों को सीमा पार कर चीनी मुख्य भूभाग नहीं भेजा जाएगा. इस नए कानून से चीन की सुरक्षा एजेंसियों को पहली बार हांगकांग में अपने प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति मिल जाएगी.

 

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