पीएलए ने कहा: डोकलाम में 'एक-एक इंच' की हिफाजत के लिए बढ़ाएंगे सेना की मौजूदगी और गश्त

भारतीय सैनिकों ने डोकलाम में सड़क निर्माण को रोक दिया था जिसके बाद दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच गतिरोध आरंभ हुआ जो 73 दिनों तक चला.

पीएलए ने कहा: डोकलाम में 'एक-एक इंच' की हिफाजत के लिए बढ़ाएंगे सेना की मौजूदगी और गश्त
चीनी रक्षा मंत्रालय ने डोकलाम को 'अभिन्न हिस्सा' करार दिया. (फाइल फोटो)

बीजिंग: चीन की सेना ने गुरुवार (31 अगस्त) को कहा कि वह डोकलाम में अपने क्षेत्र की ‘एक-एक इंच’ की रक्षा करने के लिए सैनिकों की मौजूदगी और गश्त बढ़ाएगी, हालांकि उसने इलाके में सड़क निर्माण को लेकर कुछ नहीं बोला.भारतीय सैनिकों ने सड़क निर्माण को रोक दिया था जिसके बाद दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच गतिरोध आरंभ हुआ जो 73 दिनों तक चला. भारत और चीन के बीच गतिरोध बीते सोमवार (28 अगस्त) को खत्म हुआ. यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे से कुछ दिनों पहले हुआ है. मोदी वहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं.

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन गुओकियांग ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चीन की सेना अपने मिशन और जिम्मेदारियों को निभाना, गश्ती और सैनिकों की तैनाती, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संप्रभुता की रक्षा करना जारी रखेगी. ’’ बहरहाल, डोकलाम के इलाके में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सड़क निर्माण के कदम की बात को टाल गए. सड़क निर्माण को लेकर ही गतिरोध शुरू हुआ था.

उन्होंने कहा, ‘‘परिदृश्य में बदलावों को देखते हुए हमने अपनी तैनाती को सामजस्य बैठाया है.’’ रेन ने कहा, ‘‘चीनी पक्ष डोंग लांग (डोकलाम) में लंबे समय के लिए गश्ती जारी रखेगा ताकि अपनी सीमा को बेहतर ढंग से सुरक्षा की जा सके और इलाके में सैनिकों एवं आम लोगों के जीवन के हालात को सुधारा जा सके.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बुनियादी ढांचे का निर्माण कराया है. भविष्य में मौसम सहिति विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर योजना बनाना जारी रखेंगे.’’ रेन ने उन खबरों को भी बकवास बताया जिनमें दावा किया जा रहा है कि चीन ने सैनिक हटाने की एवज में भारत को भारी-भरकम कर्ज का वादा किया.

डोकलाम को चीन का ‘अभिन्न हिस्सा’ करार देते हुए रेन ने कहा, ‘‘खूबसूरत पर्वत एवं नदियों का एक इंच भी गंवाया नहीं जा सकता. चीन की सेना डोकलाम में क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता तथा एक-एक इंच की रक्षा के लिए अपना मिशन जारी रखेगी.’’ 

चीन ने कहा, भारत डोकलाम जैसी घटनाओं से बचे
चीन ने एक बार फिर धमकी भरे लहजे में कहा है कि भारत को डोकलाम जैसी घटनाओं से भविष्य में बचना चाहिए. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने नई दिल्ली को इस सीमा विवाद से सबक सीखने की सलाह दी है. वांग ने कहा कि दो बड़े देशों के बीच मतभेद सामान्य बात है, लेकिन इसे एक किनारे रखकर लंबे समय के समाधान पर काम करना चाहिए.

सिक्किम सेक्टर में पिछले ढाई महीने से जारी गतिरोध के बाद इस मुद्दे पर सोमवार (28 अगस्त) को दोनों पक्षों ने पीछे हटने का फैसला किया, जिसके दो दिनों के बाद वांग ने यह टिप्पणी की है. वांग ने अगले सप्ताह होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय पक्ष इस घटना से सबक लेगा और दोबारा इस तरह की घटना से बचने की कोशिश करेगा."