चीन ने बुद्ध के जन्म स्थल को विकसित करने में नेपाल को सहयोग की पेशकश की

चीन ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लुंबिनी में भगवान बुद्ध के जन्म स्थल को एक बड़े पर्यटन और तीर्थयात्रा स्थल के रूप में विकसित करने के लिए नेपाल को सहयोग की पेशकश की है। बीजिंग ने नेपाल के बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता कर उसे रिझाने की कोशिश के तहत ऐसा किया है।

काठमांडो : चीन ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लुंबिनी में भगवान बुद्ध के जन्म स्थल को एक बड़े पर्यटन और तीर्थयात्रा स्थल के रूप में विकसित करने के लिए नेपाल को सहयोग की पेशकश की है। बीजिंग ने नेपाल के बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता कर उसे रिझाने की कोशिश के तहत ऐसा किया है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक यहां तीन दिनों की यात्रा पर आए चीन के धार्मिक मामलों पर विदेश प्रशासन के निदेशक वांग जुआन ने नेपाल के राष्ट्रपति रामबरन यादव के साथ कल एक बैठक के दौरान लुंबिनी के विकास के लिए चीन से सहयोग मुहैया करने लिए खुद के तैयार होने की इच्छा जाहिर की। वांग ने कल लुंबिनी की भी यात्रा की।

लुंबिनी शहर को सउदी अरब के मक्का की तर्ज पर एक पर्यटन, तीर्थयात्रा, शैक्षणिक केंद्र में तब्दील करने के लिए उसे एक ‘विशेष विकास क्षेत्र’ बनाने की नेपाल की योजना है। भगवान बुद्ध का जन्म 623 ईसा पूर्व लुंबिनी वन में हुआ था, जिसे यूनेस्को ने धरोहर स्थल घोषित किया है। वांग नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्यन मंत्री दीपक चंद्र अमात्य से भी मिले और संस्कृति के क्षेत्र में नेपाल-चीन सहयोग पर चर्चा की।