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अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध में अपने हितों की रक्षा करेगा चीन

अमेरिका ने लगभग 3 खरब अमेरिकी डॉलर वाले चीनी मालों पर 10 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की है. 

अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध में अपने हितों की रक्षा करेगा चीन

बीजिंग: कई चीनी विशेषज्ञों ने 16 अगस्त को पेइचिंग में कहा कि अमेरिका ने व्यापार युद्ध पैदा किया. लेकिन उसके पास लंबे समय में व्यापार युद्ध करने की क्षमता नहीं है. उन्होंने कहा कि हालांकि चीन व्यापार युद्ध नहीं करना चाहता, लेकिन चीन दृढ़ता से अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम होगा.

अमेरिका ने लगभग 3 खरब अमेरिकी डॉलर वाले चीनी मालों पर 10 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की है. इसकी चर्चा में चीनी राज्य परिषद की टैरिफ नीति कमेटी के संबंधित प्रधान ने कहा कि अमेरिका ने गंभीर रूप से चीन व अमेरिका दोनों देशों के नेताओं द्वारा अर्जेंटीना भेंट में प्राप्त सहमति व ओसाका भेंट में प्राप्त सहमति का उल्लंघन किया.  अमेरिका वार्ता से मतभेदों का समाधान करने के सही रास्ते से ज्यादा से ज्यादा दूर हो गया. इसलिए चीन को विवश होकर इसका विरोध करने के लिए आवश्यक कदम उठाना पड़ेगा.

16 अगस्त को आयोजित चीन-अमेरिका आर्थिक व व्यापारिक मामलों की संगोष्ठी में सैन फ्रांसिस्को व न्यूयॉर्क स्थित चीनी जनरल वाणिज्य दूतावास के पूर्व वाणिज्यिक कौंसिलर हो वेईवन ने इस वर्ष के पूर्वार्ध में अमेरिका की आयात व निर्यात की रकम का विश्लेषण करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा पैदा किए गए व्यापार युद्ध ने उसकी अर्थव्यवस्था पर कुप्रभाव डाला.

चीनी अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक आदान-प्रदान केंद्र के वैश्विक अर्थव्यवस्था विभाग के उप शोधकर्ता मेई क्वेनछून के ख्याल से वर्तमान में अमेरिका के सामने वास्तविक अर्थव्यवस्था और आभासी अर्थव्यवस्था के बीच असंतुलन, उपभोग व बचत के बीच असंतुलन, प्राथमिक आवंटन और माध्यमिक वितरण के बीच असंतुलन समेत तीन बड़ी समस्याएं हैं, पर अमेरिका सरकार अपने देश के अंतर्विरोध को अन्य देशों में पहुंचाना चाहती है.

चीनी अंतर्राष्ट्रीय मामला अनुसंधान प्रतिष्ठान के वैश्विक अर्थव्यवस्था व विकास विभाग के प्रधान च्यांग य्वेएछून के ख्याल से हालांकि चीन व्यापार युद्ध नहीं करना चाहता, लेकिन अगर व्यापार युद्ध सचमुच आया, तो चीन इससे डरता भी नहीं है. अब चीन नीति-नियमों के समायोजन से संकट को विकास के मौके में बदलने की कोशिश कर रहा है.