पैंगोंग झील के पास चीन अभी भी पीछे नहीं हटा, फिंगर-5 पर PLA के सैनिक मौजूद: सूत्र
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पैंगोंग झील के पास चीन अभी भी पीछे नहीं हटा, फिंगर-5 पर PLA के सैनिक मौजूद: सूत्र

चीन (China) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक कमांडर स्तर की चौथे दौर की बातचीत के हफ्ते भर बाद भी पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास फिंगर-5  (Finger 5) से चीन ने अपने सैनिकों को नहीं हटाया है.

फाइल फोटो

नई दिल्ली: चीन (China) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक कमांडर स्तर की चौथे दौर की बातचीत के हफ्तेभर बाद भी पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास फिंगर-5  (Finger 5) से चीन ने अपने सैनिकों को नहीं हटाया है. जबकि बातचीत के दौरान सेना को पीछे हटाने पर सहमति बनी थी. 

  1. कमांडर स्तर की वार्ता में बनी थी सैनिक हटाने पर सहमति
  2. पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास मौजूद हैं चीनी सैनिक
  3. दोनों देशों के लिए अगले कुछ दिन हो सकते हैं अहम

सूत्रों का कहना है कि चीन ने अपने सैनिकों में कमी जरूर की है, लेकिन वह बहुत कम है. उनका यह भी कहना है कि दोनों देशों के लिहाज से अगले कुछ दिन अहम होंगे. गौरतलब है कि 14 जुलाई को दोनों सेनाओं के वरिष्ठ कमांडरों के बीच लगभग 15 घंटे तक बातचीत हुई थी. इस दौरान, भारत ने चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को ‘रेड लाइन्स’ के बारे में अवगत कराया था और चीन ने सेना हटाने पर सहमति भी जताई थी.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग (Hua Chunying) ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया था कि दोनों पक्ष चीन-भारत सीमा के पश्चिमी क्षेत्र से सैनिकों की तैनाती कम करने पर सहमत हुए हैं. उन्होंने कहा था कि ‘चीनी और भारत के बीच 14 जुलाई को चौथे चरण की वार्ता आयोजित की गई. इस दौरान दोनों देशों ने चीन-भारत सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में तनाव कम करने और सैनिकों की संख्या में कमी करने पर सहमति दर्शाई है. हमें उम्मीद है कि भारत सहमति पर आगे बढ़ने में चीन के साथ काम करेगा’.

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह में तैनात 14 कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह (Lt Gen Harinder Singh) ने किया था, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व दक्षिण शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन ने (Maj Gen Liu Lin) किया था. लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की वार्ता डिसइंगेजमेंट प्रोसेस के पहले चरण के क्रियान्वयन के बाद हुई थी. 

PLA ने भारत के कड़े विरोध को देखते हुए पहले ही गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और गलवान घाटी से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है और पिछले हफ्ते पैंगोंग एरिया में फिंगर- 4 की रिज लाइन यानी चोटी पर भी अपने सैनिकों की मौजूदगी को काफी कम कर दिया है. मालूम हो कि भारतीय और चीनी सेनाएं 5 मई से पूर्वी लद्दाख के कई हिस्सों में आमने-सामने हैं. गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है.

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