अमेरिका में बढ़ी कोरोना की रफ्तार, पिछले 2 दिन के आंकड़ों ने उड़ाई नींद

चुनावी माहौल के बीच अमेरिका में कोरोना की रफ्तार फिर से बढ़ गई है. पिछले कुछ दिनों में रिकॉर्ड मामले दर्ज किये गए हैं. तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कोरोना सबसे बड़ा मुद्दा है.

अमेरिका में बढ़ी कोरोना की रफ्तार, पिछले 2 दिन के आंकड़ों ने उड़ाई नींद
फाइल फोटो

वॉशिंगटन: अमेरिका (America) में कोरोना (Coronavirus) का प्रकोप कम होने के बजाये लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में यहां रिकॉर्ड किये गए मामलों की संख्या महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा है. इससे साफ पता चलता है कि चुनावी (US Election) फायदे को लेकर भले ही कोरोना के कमजोर होने के दावे किये जा रहे हों, लेकिन असल स्थिति काफी गंभीर है.

लगातार बढ़ रहा आंकड़ा
अमेरिका में शुक्रवार को 84,244 नए मामले दर्ज किये गए, जो महामारी की शुरुआत के बाद सबसे ज्यादा हैं. जबकि शनिवार को 79,852 मामले सामने आये. इतना ही नहीं, अस्पताल में भर्ती होने वालों के साथ ही मृत्यु दर में भी लगातार इजाफा हो रहा है. अक्टूबर में अब तक 29 राज्यों में स्थिति नाजुक बनी हुई है. जिसमें से पांच राज्य ओहियो, मिशिगन, उत्तरी कैरोलिना, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

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लगाया कर्फ्यू
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, उत्तर डकोटा सहित कई राज्यों में मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पतालों पर बोझ काफी बढ़ गया है. टेक्सास के अल पासो (El Paso) शहर में लोगों को अगले दो सप्ताह तक घरों में रहने को कहा गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी पार्क और मनोरंजन स्थलों को 14 दिनों के लिए बंद कर दिया है. इसके अलावा, यहां रविवार रात 10 से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू भी लगाया गया.

घरों में रहने की अपील
अल पासो की पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर एंजेला मोरा ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रहती है, तो हमें कुछ और कदम उठाने होंगे. वहीं, टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने फेडरल सरकार से अन्य रोगियों के लिए फोर्ट ब्लिस स्थित आर्मी मेडिकल सेंटर इस्तेमाल करने की इजाजत देने की मांग की है, ताकि अस्पतालों के बोझ को कुछ हद तक कम किया जा सके. 

चुनाव ज्यादा महत्वपूर्ण
उपराष्ट्रपति माइक पेंस के सहयोगी पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद पेंस चुनावी अभियान में शिरकत कर रहे हैं. विपक्ष इसे लेकर हमलावर हो गया है. उसका कहना है कि ट्रंप प्रशासन लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है. पेंस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क शॉर्ट की रिपोर्ट शनिवार को पॉजिटिव आई थी. इस लिहाज से पेंस को कुछ दिनों के लिए खुद को क्वारंटीन कर लेना चाहिए था, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया. उल्टा व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया कि उपराष्ट्रपति चुनाव प्रचार के लिए रविवार को उत्तरी कैरोलिना और सोमवार को मिनेसोटा में रैलियों में भाग लेंगे.