गोलीबारी के पीड़ितों के समर्थन में कोपेनहेगन में उमड़ा हजारों लोगों का हुजूम

देश को स्तब्ध कर देने वाले और यहूदी-विरोधी हिंसा भड़कने का डर पैदा कर देने वाली गोलीबारी की घटनाओं के शिकार बने लोगों की याद में कई हजार डेनमार्क वासियों ने कोपनहेगन में हाथों में मशालें लिए जुलूस निकाला।

गोलीबारी के पीड़ितों के समर्थन में कोपेनहेगन में उमड़ा हजारों लोगों का हुजूम

कोपेनहेगन : देश को स्तब्ध कर देने वाले और यहूदी-विरोधी हिंसा भड़कने का डर पैदा कर देने वाली गोलीबारी की घटनाओं के शिकार बने लोगों की याद में कई हजार डेनमार्क वासियों ने कोपनहेगन में हाथों में मशालें लिए जुलूस निकाला।

आम तौर पर दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण देशों में से एक माने जाने वाले डेनमार्क के स्तब्ध नागरिकों ने कल सांस्कृतिक केंद्र के निकट एक चौराहे पर रैली निकाली। यह वही जगह है, जहां पहला हमला हुआ था। कई लोगों ने कल कड़कड़ाती ठंड की रात में आयोजित इस रैली में अपने हाथों में मशालें थामी हुई थीं।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने आकलन करते हुए कहा कि दो मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए लगभग 30 हजार लोग एकजुट हुए थे। पहले पीड़ित 55 वर्षीय फिल्मकार फिन नोर्गार्ड थे, जिन्हें बंदूकधारी ने उस समय गोली मारी थी, जब वह शनिवार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर एक बहस में हिस्सा ले रहे थे।

इसी हमलावर ने इसके बाद शहर के प्रमुख यहूदी उपासना गृह को निशाना बनाया और 37 वर्षीय डैन उजैन की हत्या कर दी। प्रधानमंत्री हेले थॉर्निंग श्मिट ने इस जुलूस में आई भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज की रात मैं सभी डेनमार्क वासी यहूदियों को बताना चाहती हूं कि आप अकेले नहीं हैं। डेनमार्क के यहूदियों पर हमला डेनमार्क पर हमला है, यह हम सब पर हमला है।’

पेरिस में हुए ऐसे ही हमलों को एक माह से ज्यादा समय हो जाने के बाद एक बार फिर यूरोपीय यहूदियों को चरमपंथियों द्वारा निशाना बनाए जाने के कयासों के बीच सरकारें किसी तरह अपने यहूदी समुदायों को आश्वस्त करने की कोशिशों में जुटी हैं। थोर्निंग-श्मिट ने कहा कि डेनमार्क वासी ‘एक लोकतांत्रिक देश में सुरक्षित एवं स्वतंत्र जीवन पर जोर देने के लिए एकसाथ आए हैं।’

उन्होंने कहा, ‘जब दूसरे लोग हमें डराने की कोशिश करते हैं तब हमारा जवाब हमेशा एक मजबूत समुदाय के रूप में सामने आता है।’ व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने थोर्निंग-श्मिट को सोमवार को फोन करके डेनमार्क के साथ एकजुटता प्रदर्शित की। दोनों नेता ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमलों से निपटने के साथ-साथ यहूदी-विरोधी हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर काम करने पर सहमत हुए।’