चौंकाने वाला खुलासा: China ने Dubai में भी बनाई है सीक्रेट जेल, अपने खिलाफ आवाज उठाने वालों को करता है प्रताड़ित
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चौंकाने वाला खुलासा: China ने Dubai में भी बनाई है सीक्रेट जेल, अपने खिलाफ आवाज उठाने वालों को करता है प्रताड़ित

चीन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक महिला का कहना है कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने दुबई में भी एक सीक्रेट जेल बनाई है, जहां उसे बंद किया गया था. जेल में उसके साथ वीगर मुस्लिम भी थे, जिन्हें वापस बीजिंग भेजा जाना था. हालांकि, चीन ने आरोपों से इनकार किया है.

चौंकाने वाला खुलासा: China ने Dubai में भी बनाई है सीक्रेट जेल, अपने खिलाफ आवाज उठाने वालों को करता है प्रताड़ित

बीजिंग: चीन (China) की कम्युनिस्ट सरकार ने केवल अपने मुल्क ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी डिटेंशन सेंटर बनाए हुए हैं, जहां वो लोगों को बंद करके रखती है. यह खुलासा चीन की कैद से आजाद हुई एक महिला ने किया है. महिला का कहना है कि दुबई में चीन की एक सीक्रेट जेल (Secret Jail in Dubai) है, जिसमें उसके साथ दो वीगर मुस्लिमों (Uyghurs) को बंद किया गया था. दरअसल, पीड़ित महिला प्रत्यर्पण के डर से भागी थी, लेकिन चीनी अधिकारियों ने उसे दुबई में पकड़ लिया और काफी समय तक डिटेंशन सेंटर या सीक्रेट जेल में रखा.  

इस वजह से किया था Arrest

26 वर्षीय वू हुआन (Wu Huan) के मंगेतर ने चीन की कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी, इसलिए उन्हें अपने प्रत्यर्पण का डर सता रहा था. वह किसी तरह दुबई (Dubai) पहुंच गईं थीं और खुद को सुरक्षित महसूस कर रही थीं, लेकिन कुछ ही पलों में सबकुछ बदल गया. हुआन ने बताया कि उनका होटल से ही अपहरण किया गया. इसके बाद चीनी अधिकारी एक बड़े से घर में ले गए, जिसे जेल में परिवर्तित किया गया था. 

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Legal Documents पर साइन करवाए 

हुआन के मुताबिक, चीन की दुबई जेल में उनके साथ दो वीगर मुस्लिम भी थे. चीनी अधिकारियों ने हुआन को डराया-धमकाया और जबरन एक कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवा लिए. जिसमें कहा गया था कि हुआन ने अपने मंगेतर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. इसके बाद 8 जून को उन्हें रिहा कर दिया गया. घबराई हुआन दुबई से सीधे नीदरलैंड पहुंचीं और फिलहाल यही उनका ठिकाना है. बता दें कि ड्रैगन के ऐसे गुप्त डिटेंशन सेंटर को ब्लैक साइट्स कहा जाता है. चीन में ऐसे कई सेंटर हैं, लेकिन दुबई में इसकी मौजूदगी वाकई चिंता का विषय है.

China ने किया आरोप से इनकार

वू हुआन के खुलासे से यह साफ हो गया है कि चीन विदेशों में अपने नागरिकों को हिरासत में लेने या वापस लाने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का तेजी से इस्तेमाल कर रहा है. वहीं, चीन ने महिला के आरोपों को गलत बताया है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग (Hua Chunying) ने कहा, ‘मैं स्पष्ट कर सकती हूं कि वू हुआन ने जो कुछ भी कहा है वो आधारहीन है’. न्यूज एजेंसी AP ने इस संबंध में दुबई सरकार से बात करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका.

Dubai पहले भी रहा है विवादों में

पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि चीन के इशारों पर दुबई वीगर मुस्लिमों (Uyghurs) को प्रताड़ित करके उन्हें वापस बीजिंग भेजता है, हालांकि, इस बारे में कभी ज्यादा ठोस जानकारी नहीं मिल सकी. कई एक्टिविस्ट मानते हैं कि दुबई में सीक्रेट जेल हैं, जहां अलग-अलग देशों को नागरिकों को बंद करके रखा जाता है. एडवोकेसी ग्रुप ‘Detained in Dubai’ की फाउंडर राधा स्टर्लिंग (Radha Stirling) ने कहा कि वह कनाडा, भारत और जॉर्डन के कई नागरिकों के संपर्क में आईं हैं, जिन्हें किसी न किसी वजह से UAE की गुप्त जेलों में रखा गे था, लेकिन चीन के बारे में उन्होंने इससे पहले कभी नहीं सुना. स्टर्लिंग ने कहा इसमें कोई संदेह नहीं है कि यूएई अपनी सहयोगी विदेशी सरकारों के इशारों पर ऐसा करता है. 

Dubai Police भी देती है साथ  

वू हुआन ने बताया कि 27 मई को चीनी अधिकारियों ने उससे उसके होटल में पूछताछ की और फिर दुबई पुलिस उन्हें तीन दिनों के लिए किसी पुलिस स्टेशन ले गई. वहीं एक चीनी नागरिक Li Xuhang उनसे मिलने आया और कहा कि वह दुबई में चीनी वाणिज्य दूतावास के लिए काम करता है. हुआन से पूछा गया कि क्या उन्होंने चीन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विदेशी समूहों से पैसे लिए हैं? इसके बाद हथकड़ी पहनकर उन्हें कार में ले जाया गया. करीब एक घंटे की यात्रा के बाद वह एक विला में पहुंचीं, जो किसी जेल से कम नहीं था. उस घर में कई सेल बनी हुईं थीं, जिनकी स्थिति बेहद खराब थी. हुआन ने कहा कि जेल में उन्हें दो वीगर मुस्लिम दिखे, जिनमें से एक महिला थी, जो जोर-जोर से चिल्ला रही थी कि उसे वापस चीन नहीं जाना. 

 

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