चीन ने ताइवान से अगल होकर अल सल्वाडोर से राजनयिक संबंध जोड़ा

कास्तानेदा ने कहा कि उनके देश ने एक रणनीतिक फैसला लिया है और दोनों देशों के लोगों के लिए सही और लाभदायक रास्ता चुना है

चीन ने ताइवान से अगल होकर अल सल्वाडोर से राजनयिक संबंध जोड़ा
अब ताइवान के पास दुनियाभर में केवल 17 राजनयिक सहयोगी रह गए हैं.

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में ताइवान को अलग-थलग करने के प्रयासों में एक बार फिर सफल होते हुए चीन ने मध्य अमेरिकी देश अल सल्वाडोर के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं. बीजिंग लोकतांत्रिक रूप से शासित ताइवान से अंतरराष्ट्रीय समर्थन को छीनने के लिए अपनी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल कर रहा है. अब ताइवान के पास दुनियाभर में केवल 17 राजनयिक सहयोगी रह गए हैं.

बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अल सल्वाडोर के 'विश्व में एक चीन को मान्यता' देने के फैसले की सराहना की है. सल्वाडोर के विदेश मंत्री कार्लोस कास्तानेदा और वांग ने संबंध शुरू करने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए.

कास्तानेदा ने कहा कि उनके देश ने एक रणनीतिक फैसला लिया है और दोनों देशों के लोगों के लिए सही और लाभदायक रास्ता चुना है. अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति सल्वाडोर सांचेज केरेन ने सोमवार रात को राष्ट्रीय टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा, 'मैं घोषणा करता हूं कि मेरी सरकार ने अल सल्वाडोर गणराज्य और ताइवान के बीच आज तक जो राजनयिक संबंध थे, उन्हें तोड़ने का फैसला किया है. साथ ही पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने का निर्णय लिया है'. 

इससे पहले ताइवान ने अल सल्वाडोर के बीजिंग के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने के इरादे को भांपते हुए मध्य अमेरिकी देश के साथ अपने संबंध खत्म करने की घोषणा की थी.