डोकलाम गतिरोध: भाजपा के पूर्व सांसद बोले, चीन-भारत मतभेदों को अवसरों में बदला जा सकता है

एक चीनी कहावत का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद तरुण विजय ने कहा, ‘‘जब भाई एक साथ मिलकर रहते हैं तो वे बहुत कठिन समस्याओं का भी समाधान कर सकते हैं.’’

डोकलाम गतिरोध: भाजपा के पूर्व सांसद बोले, चीन-भारत मतभेदों को अवसरों में बदला जा सकता है
भारत और चीन में डोकलाम को लेकर पिछले काफी दिनों से तनाव बना हुआ है. (फाइल फोटो)

बीजिंग: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद तरुण विजय ने गुरुवार (17 अगस्त) को कहा कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को विवादों में नहीं बदलना चाहिए और इसके बजाय इन्हें अवसरों में बदला जा सकता है.

भारतीय उद्योग परिसंघ के भारत-चीन संसदीय समूह के अध्यक्ष विजय ने शासन पर आधारित एक ब्रिक्स सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में यह बात कहीं. चीनी शहर कुआनझो में आयोजित इस सम्मेलन में चीनी अधिकारियों, राजनीतिज्ञों और में पांच सदस्यीय समूह के विद्वानों ने भाग लिया. विजय ने जून में आस्ताना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई एक बैठक का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मतभेदों को विवादों में नहीं बदलने देना चाहिए बल्कि इसके बजाय वे इन्हे अवसरों में बदल सकते हैं.’’ मोदी और चिनफिंग के बीच हुई उस बैठक में यह संदेश दिया गया था कि मतभेदों को विवादों में नहीं बदला जाना चाहिए.

एक चीनी कहावत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जब भाई एक साथ मिलकर रहते हैं तो वे बहुत कठिन समस्याओं का भी समाधान कर सकते हैं.’’ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के डोलकाम क्षेत्र में सड़क बनाने के प्रयासों को लेकर भारत और चीन के सैनिकों के बीच इस क्षेत्र में दो महीने से भी अधिक समय से बने गतिरोध के बीच उनकी यह प्रतिक्रिया आई है. इस क्षेत्र पर भूटान ने दावा किया है. विजय ने यह भी कहा कि ब्राजील,रूस,भारत,चीन और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) समूह को सामूहिक प्रयासों से आतंकवाद का खात्मा करना चाहिए.

जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवादी सूची में डलवाने के भारतीय प्रयासों में चीन के अड़ंगे का स्पष्ट रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘एक देश का आतंकवादी पूरी मानवता के लिए एक आतंकवादी होता है और गोवा में ब्रिक्स की घोषणा के अनुरूप सामूहिक प्रयासों से आतंकवाद का खात्मा किया जाना चाहिए. इस घोषणा पर मोदी और चिनफिंग समेत सभी सहमत हुए थे.’’ उन्होंने कहा कि दुनिया का जीवंत और सबसे बड़ा लोकंतत्र होने के रूप में भारत आज मोदी के नेतृत्व में बहुलवाद, सामंजस्य और शांतिपूर्ण विकास के केन्द्र के रूप में खड़ा है.