Coronavirus: अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने चीन पर एक्शन क्यों नहीं लिया? ट्रंप के निशाने पर WHO

डब्‍ल्‍यूएचओ के डायरेक्‍टर टेडरोस अधनोम चीन को लेकर दुनियाभर में कई लोगों के निशाने पर चल रहे हैं. 

Coronavirus: अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने चीन पर एक्शन क्यों नहीं लिया? ट्रंप के निशाने पर WHO
ट्रंप ने कहा कि डब्‍ल्‍यूएचओ ने कोरोना वायरस संकट पर चीन का 'बहुत ज्‍यादा पक्ष' लिया.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (corona virus) से दुनियाभर में अब तक 21 हजार लोग मारे जा चुके हैं. इस महासंकट से अब तक 196 देश प्रभावित हैं और करीब पौने पांच लाख लोग इससे संक्रमित हैं. इस बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (World Health Organisation) पर निशाना साधा है. ट्रंप ने कहा कि डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) ने कोरोना वायरस संकट पर चीन (China) का 'बहुत ज्‍यादा पक्ष' लिया. अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा कि दुनियाभर में कई लोग डब्‍ल्‍यूएचओ के रवैये से नाखुश हैं और यह महसूस करते हैं कि 'यह बहुत गलत हुआ.' 

ट्रंप ने यह जवाब डब्‍ल्‍यूएचओ के चीन के तरफदारी करने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब डब्‍ल्‍यूएचओ के डायरेक्‍टर टेडरोस अधनोम चीन को लेकर दुनियाभर में कई लोगों के निशाने पर चल रहे हैं. 

नवंबर में वुहान में सामने आया था कोरोना वायरस का पहला केस 
चीन के वुहान में कोरोना वायरस का पहला मामला नवंबर में सामने आया था. तब वुहान के अस्पताल के डॉक्टर ली वेनलियांग ने पहली बार प्रशासन को इस वायरस के खतरे के बारे में आगाह किया था लेकिन डॉक्टर ली वेनलियांग को प्रशासन की ओर से धमकाया गया और यहां तक कि उन्हें पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया. मार्च के शुरुआती महीने में ली वेनलियांग की मौत भी हो गई, तब चीन की ओर से दावा किया गया कि डॉक्टर ली की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई थी. हालांकि उनकी मौत को भी लेकर तरह-तरह के दावे किए गए. 

जनवरी में वुहान शहर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे. तब भी चीन ने हेल्थ इमरजेंसी लगाने से इंकार कर दिया था. चीन में कोरोना के कहर को देखते हुए कई देशों ने वुहान के लिए विमान सेवा रोक दी. इसके बाद भी चीन ने किसी तरह का लॉकडाउन नहीं किया. 23 जनवरी को चीन ने वुहान को लॉकडाउन किया, तब तब कोरोना वायरस के संक्रमण में आए 5 लाख लोग वुहान से अलग-अलग देशों की यात्राएं कर चुके थे. 

कोरोना को रोक पाने में WHO नाकाम रहा 
कोरोना वायरस के चीन में बढ़ते मामलों के बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया. फरवरी बीत गया लेकिन WHO ने चीन को महामारी नहीं माना. मार्च महीने में जाकर WHO ने कोरोना को महामारी घोषित की. सवाल है कि इस दौरान जब कोरोना चीन में और दूसरे देशों में तेज़ी से फैल रहा था, तो WHO ने चीन के खिलाफ किसी तरह का एक्शन क्यों नहीं लिया. अगर WHO वक्त रहते कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर  देता और चीन पर एक्शन ले लेता तो कोरोना दुनिया के कई देशों में अपने पांव नहीं पसार पाता.

चीन की तारीफ पड़ी भारी, ट्रंप के निशाने पर WHO
WHO के इसी रवैये को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी सवाल खड़ा कर चुके हैं. ट्रंप ने सीधे-सीधे WHO पर चीन का पक्ष लेने का आरोप जड़ दिया. ट्रंप ने कहा कि दुनियाभर में कई लोग WHO के रवैये से नाखुश हैं और यह महसूस करते हैं कि 'यह बहुत गलत हुआ.' 

ये भी देखें:

इसलिए नहीं लिया गया चीन पर एक्शन
अब चीन से निकला एक वायरस दुनिया के 175 से ज्यादा देशों में फैल चुका है. इस महामारी की चपेट में आकर 21 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. पूरी दुनिया को पता है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से फैला इसके बावजूद अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से चीन पर एक्शन नहीं लिया गया. दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद UNSC का चेयरपर्सन है, इसीलिए दुनिया की किसी संस्था ने चीन के खिलाफ एक्शन लेने की हिम्मत नहीं दिखाई. अगर वक्त रहते चीन के खिलाफ कार्रवाई की  जाती तो दुनिया इस महामारी की चपेट में आने से बच सकती थी.