टर्नबुल से नोकझोंक के बाद बोले ट्रम्प- अब तक की सबसे खराब बातचीत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल के बीच शरणार्थी समझौते को लेकर गत सप्ताह टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान नोकझोंक होने की रिपोर्ट हैं। ट्रंप ने बाद में ट्विटर पर इस समझौते को ‘मूक करार’ बताया।

टर्नबुल से नोकझोंक के बाद बोले ट्रम्प- अब तक की सबसे खराब बातचीत

वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल के बीच शरणार्थी समझौते को लेकर गत सप्ताह टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान नोकझोंक होने की रिपोर्ट हैं। ट्रंप ने बाद में ट्विटर पर इस समझौते को ‘मूक करार’ बताया।

अमेरिकी दैनिक ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के मुताबिक ट्रंप ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय शरणार्थी समझौते को लेकर टर्नबुल की आलोचना की और इसके बाद अचानक फोन काट दिया। आस्ट्रेलिया, अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है। अमेरिका जिन पांच देशों के साथ नियमित रूप से संवेदनशील खुफिया जानकारी साझा करता है उनमें से एक ऑस्ट्रेलिया भी है। इसके चलते दोनों नेताओं के बीच सुचारू बातचीत होने की संभावना जतायी जा रही थी।

अखबार ने ट्रंप के हवाले से कहा कि उन्होंने उस दिन विश्व के चार नेताओं से हुई बातचीत में ‘इसे अब तक की सबसे खराब बातचीत’ बताया। आस्ट्रेलियाई सरकार के सूत्रों ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉपरेरेशन को बताया कि यह रिपोर्ट ‘उल्लेखनीय हद तक सही’ है। टर्नबुल ने कहा कि वह निराश है कि ‘बेहद स्पष्टवादिता वाली’ बातचीत की जानकारी लीक की गयी। 

उन्होंने सिडनी रेडियो स्टेशन 2जीबी से कहा, ‘फोन कॉल के संबंध में मैं बहुत निराश हूं कि वाशिंगटन में इस बातचीत की जानकारी लीक की गयी। लेकिन मैं यह बता दूं कि यह रिपोर्ट सही नहीं है कि राष्ट्रपति ने फोन रख दिया था। बातचीत शिष्टतापूर्वक पूरी हुई थी।’ उन्होंने कहा, ‘अन्य नेताओं के साथ बातचीत करने को लेकर हमारे बहुत, बहुत कड़े मानक हैं और हम सहमति के बिना किसी भी बातचीत की जानकारियों का खुलासा नहीं करते।’ 

दोनों देशों की सरकारों ने इस बातचीत की जो आधिकारिक जानकारी दी है वह अखबार की रिपोर्ट से बिल्कुल अलग है। टर्नबुल ने सोमवार को कहा था कि ट्रंप नौर और पापुआ न्यू गिनी में शरणार्थी शिविरों में रह रहे 1600 लोगों में से कुछ लोगों के पुनर्वास के लिए ओबामा प्रशासन के दौरान हुये समझौते पर कायम रहने पर सहमत हो गये हैं।

ट्रंप ने कम से कम 120 दिन तक शरणार्थियों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने वाले शासकीय आदेश पर गत सप्ताह हस्ताक्षर किये थे, जिसके बाद आस्ट्रेलिया में इस बात को लेकर डर था कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस शरणार्थी समझौते को रद्द कर सकते हैं। बुधवार को वाशिंगटन पोस्ट की यह रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रंप की ट्वीट पर की गयी टिप्पणी से इस समझौते पर संशय के बादल छा गये हैं।