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पिता बीमार तो नवाज शरीफ की बेटी ने खुद की रिहाई की लगाई गुहार, अदालत ने कहा...

 मरियम ने 30 सितंबर को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और गिरफ्तारी के बाद जमानत मांगी थी.

पिता बीमार तो नवाज शरीफ की बेटी ने खुद की रिहाई की लगाई गुहार, अदालत ने कहा...
.(फाइल फोटो)

लाहौर: लाहौर हाईकोर्ट ने सोमवार को चौधरी शुगर मिल्स मामले में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेता मरियम नवाज को जमानत दे दी. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने मरियम को निर्देश दिया कि जमानत के तौर पर दो करोड़ रुपये के दो बॉण्ड पेश किए जाएं. इसके साथ ही मरयम को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और 70 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करने का भी निर्देश दिया गया है.अदालत ने अपने फैसले में कहा, "हम इस याचिका को अनुमति देते हैं और याचिकाकर्ता को जमानत के लिए एक-एक करोड़ रुपये के दो बॉण्ड प्रस्तुत करने होंगे."

फैसले के बाद न्यायमूर्ति अली बकर नजाफी की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने पीएमएल-एन उपाध्यक्ष की रिहाई का आदेश दिया. मरियम ने 30 सितंबर को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और गिरफ्तारी के बाद जमानत मांगी थी. अपने पिता नवाज शरीफ की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने 24 अक्टूबर को एक याचिका दायर की, जिसमें मानवीय कारणों और मौलिक अधिकारों के आधार पर तत्काल जमानत मांगी गई थी.

अदालत ने 31 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था. मरियम ने अपनी जमानत याचिका में यह कहते हुए अंतरिम गिरफ्तारी जमानत की मांग की थी कि उनके परिवार को एक फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) मामले में फंसाया गया है और वह पीड़ित हैं. मरियम को अगस्त में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा गिरफ्तार किया गया था.

एनएबी ने दावा किया कि उन्होंने उक्त मामले में सह-अभियुक्त पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और अन्य को सहायता और धन उगाही करने में मदद की है. एजेंसी ने मरियम पर संपत्ति का लाभ उठाने का भी आरोप लगाया. बुधवार को मरियम के वकील अमजद परवेज ने दलील दी कि आरोपी सीएसएम की लाभार्थी नहीं हैं और न ही उन्होंने सक्रिय रूप से इसके निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में काम किया था.