पाकिस्तान: PML-N आने वाले चुनावों में 'छिपी ताकतों' के खिलाफ लड़ेगी

पीएमएल- एन के प्रमुख नवाज शरीफ ने चुनाव अभियान की शुरूआत करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी किसी भी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेगी. 

पाकिस्तान: PML-N आने वाले चुनावों में 'छिपी ताकतों' के खिलाफ लड़ेगी
मई के पहले दो सप्ताह में नवाज की पार्टी पूरे प्रांत में 13 रैलियां करेगी.(फाइल फोटो)

लाहौर: पाकिस्तान में सत्तारूढ़ पार्टी पीएमएल- एन के प्रमुख नवाज शरीफ ने चुनाव अभियान की शुरूआत करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी किसी भी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेगी बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता से बेदखल करने वाली ‘‘छिपी ताकतों’’ के खिलाफ लड़ेगी. पीएमएल- एन ने एक करोड़ लोगों की आबादी वाले पंजाब प्रांत में अपने चुनाव अभियान के पहले चरण की शुरूआत की. मई के पहले दो सप्ताह में नवाज की पार्टी पूरे प्रांत में 13 रैलियां करेगी. मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त होने में केवल एक महीना शेष है.

शरीफ ने मंगलवार(1 मई) शाम साहिवाल (लाहौर से करीब 200 किलोमीटर दूर ) में पीएमएल- एन की पहली रैली को संबोधित करते हुए कहा ,‘‘ आने वाले आम चुनावों में हमारा मुकाबला आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी या इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक - ए - इंसाफ जैसी किसी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं होगा बल्कि छिपी ताकतों के खिलाफ होगा. ’’ 68 वर्षीय शरीफ ने कहा कि पीएमएल- एन को उन षडयंत्रकारियों को पराजित करना है जो मतपत्रों का सम्मान नहीं करते है.

उन्होंने कहा, हमारा मुकाबला उन ताकतों के खिलाफ है जो जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं लेकिन देश में हर शख्स उन ताकतों के बारे में जानता है. यदि कोई इमरान, जरदारी या निर्दलीय उम्मीदवार को वोट करता है तो वह वास्तव में उन ताकतों (सैन्य प्रतिष्ठान) के लिए वोट करेगा.

सैन्य प्रतिष्ठान पर निशाना साधते हुए शरीफ ने कहा,‘‘ इन ताकतों ने पिछले 70 वर्षों के दौरान पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाया है. अब बहुत हो गया है. अब हमें मतपत्रों और लोगों के जनादेश का सम्मान करके पाकिस्तान को बदलना होगा. पीएमएल- एन लोगों के जनादेश को फिर कायम करेगी.’’

‘‘छिपी ताकतों’’ द्वारा पाकिस्तानी मीडिया पर ‘अघोषित सेंसरशिप’ का जिक्र करते हुए शरीफ ने कहा,‘‘ मैं जानता हूं कि मीडिया दबाव में है. मैं उस तरह की ताकतों की कड़ी निंदा करता हूं जो मीडिया पर दबाव बना रही है. मुझे पता है कि मीडिया पर दबाव बनाने के आदेश कहां से आ रहे हैं.’’ 

इनपुट भाषा से भी