फ्रांस के परमाणु परीक्षणों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दर्ज हुई शिकायत

फ्रांसीसी पॉलीनेशिया के एक विपक्षी नेता ने फ्रांस के परमाणु परीक्षणों को 'मानवता के खिलाफ अपराध' बताते हुए हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई है.  

फ्रांस के परमाणु परीक्षणों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दर्ज हुई शिकायत
संयुक्त राष्ट्र संघ में एक बैठक के दौरान फ्रांसीसी पॉलीनेशिया के नेता ने दी जानकारी (फाईल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र: फ्रांसीसी पॉलीनेशिया के एक विपक्षी नेता ने दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में फ्रांस के किये गए परमाणु परीक्षणों को 'मानवता के खिलाफ अपराध' बताते हुए, फ्रांस के खिलाफ हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में एक शिकायत दर्ज कराई गयी है. 

फ्रांसीसी द्वीपसमूह 'फ्रांसीसी पॉलीनेशिया' के पूर्व राष्ट्रपति 'ऑस्कर तेमारू' ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र संघ में कहा, ‘हमने काफी जिम्मेदारी की भावना से मानवता के खिलाफ हो रहे इन अपराधों के लिए दो अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत में शिकायत दर्ज की है.’ 

Oscar Temaru
फ्रांसीसी द्वीपसमूह 'फ्रांसीसी पॉलीनेशिया' के पूर्व राष्ट्रपति 'ऑस्कर तेमारू' (फोटो साभार:twitter@OscarTemaru)

संयुक्त राष्ट्र की एक समिति द्वारा उपनिवेशों को स्वतंत्र कराने के विषय पर विचार-विमर्श के दौरान फ्रांसीसी द्वीपसमूह के बारे में तेमारू ने कहा, ‘इसका उद्देश्य हमारे देश के खिलाफ किये गये परमाणु परीक्षणों के लिए फ्रांस के सभी जीवित राष्ट्रपतियों को जवाबदेह ठहराना है. इस तरह हम उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करेंगे, जिनकी परमाणु उपनिवेशवाद के वजह से जान चली गई.’ 

फ्रांस का यह समुद्री क्षेत्र अपने पर्यटन द्वीप 'ताहिती' के लिए काफी मशहूर है. यहां की आबादी करीब 2,90,000 है. इसके मुरुरोआ और फंगातौफा द्वीपों में तीन दशक के दौरान फ्रांस ने 193 परमाणु परीक्षण कि थे. इसके बाद 1990 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति जैक शिराक ने अपने परमाणु कार्यक्रम को समाप्त कर दिया था.

1960 से 1996 के बीच फ्रांसीसी पॉलीनेशिया समेत कई जगहों पर कुल 210 परमाणु परीक्षण किये गये थे. जिनमें अफ्रीका का सहारा रेगिस्तान भी शामिल था.

(इनपुट भाषा से)