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विश्व की शक्तियों से टकराया ईरान, परमाणु समझौते को बचाने में जुटा फ्रांस

तेहरान ने 2015 के समझौते को बचाने के लिए फ्रांस के प्रयासों की सराहना ही है.

विश्व की शक्तियों से टकराया ईरान, परमाणु समझौते को बचाने में जुटा फ्रांस
फाइल फोटो

पेरिस/तेहरान: विश्व की शक्तियों के साथ हुए ईरान के परमाणु समझौते को लेकर पैदा हुए संकट के समाधान के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के शीर्ष कूटनीतिक सलाहकार इमैनुएल बोन ने ईरान में ईरानी अधिकारियों के साथ बुधवार को बातचीत की. तेहरान ने 2015 के समझौते को बचाने के लिए फ्रांस के प्रयासों की सराहना ही है. अलजजीरा के अनुसार, इमैनुएल बोन ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रियर एडमिरल अली शामखानी से बुधवार को मुलाकात की. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब दो दिन पहले ही ईरान ने घोषणा की थी कि वह समझौते के तहत निर्धारित यूरेनियम संवर्धन सीमा 3.67 प्रतिशत को पार कर गया है.

फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि ईरान द्वारा निष्क्रिय सेंट्रीफ्यूज को दोबारा शुरू करने और यूरेनियम संवर्धन की शुद्धता को 20 प्रतिशत तक करने की सोमवार को आई धमकी के बाद बोन तनाव को शांत करने की रणनीति के तहत तेहरान में हैं.

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने तनाव कम करने और समझौता लागू करने में फ्रांस की भूमिका का स्वागत किया है. मौसवी ने कहा, "फ्रांस परमाणु समझौते को बरकरार रखने के प्रयासों का हिस्सा है."

अमेरिका ने पिछले साल समझौते से हटने के बाद ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिए थे. इसके बाद अमेरिकी प्रतिबंधों से बचाने के लिए तेहरान ने समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य यूरोपीय देशों -फ्रांस, जर्मनी और इंग्लैंड- से आग्रह किया है.उल्लेखनीय है कि ईरान तथा विश्व शक्तियों के बीच 2015 में हुए इस परमाणु समझौत को एकतरफावाद के खिलाफ कूटनीति की एक जीत और परमाणु प्रसार के खिलाफ एक बड़ा कदम बताया गया था.