ग्वाटेमाला ज्वालामुखी विस्फोट: अब तक 109 लोगों की मौत, 17 लाख की आबादी पर असर

ज्वालामुखी विस्फोट के बाद सर्वाधिक प्रभावित इलाकों चिमाल्टेनेंगो, सेकाटेपेकेज, इस्कुइंतला में आपातकाल घोषित किया गया है.

ग्वाटेमाला ज्वालामुखी विस्फोट: अब तक 109 लोगों की मौत, 17 लाख की आबादी पर असर
ग्वाटेमाला के फ्यूगो ज्वालामुखी से उठता धुएं का गुबार. (Reuters/7 June, 2018)

ग्वाटेमाला: ग्वाटेमाला के फ्यूगो ज्वालामुखी में तीन जून को हुए विस्फोट के बाद मृतकों की संख्या अब 109 हो गई है. प्रभावित इलाकों से 10 और शव मिलने के बाद आंकड़ा बढ़ा है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस (आईएनएसीआईएफ) ने बुधवार को घोषणा कर कहा कि हाल ही में बरामद सात शवों को एसकुइनटला डिपार्टमेंट के हुनाफू गांव के मुर्दाघर और बाकी तीन को ग्वाटेमाला सिटी के मुर्दाघर भेज दिया गया है.

ग्वाटेमाला के आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता डेविड डी लियोन ने गुरुवार (7 जून) सुबह घोषणा कर कहा कि खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है. आईएनएसीआईएफ वे कहा कि गुरुवार को दो और लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक आठ साल का लड़का है जबकि एक महिला है, जिसकी उम्र का पता नहीं चल पाया है. अब तक केवल 28 लोगों की पहचान हो पाई है.

राहत एंजेसियों के आंकड़ों के अनुसार, ज्वालामुखी में विस्फोट और निरंतर ज्वालामुखीय गतिविधि के कारण अब तक 17 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. 12,407 लोगों को बचाया गया है, जबकि 7,393 को अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है. कुल 4,137 लोग अस्थाई आश्रयों में रह रहे हैं, जबकि197 लोग लापता और 58 लोग घायल हैं. ज्वालामुखी विस्फोट के बाद सर्वाधिक प्रभावित इलाकों चिमाल्टेनेंगो, सेकाटेपेकेज, इस्कुइंतला में आपातकाल घोषित किया गया है.

राष्ट्रीय आपदा एजेंसी कोनरेड का कहना है कि खराब मौसम और ज्वालामुखी उद्गार के बाद निकले मलबे के अभी भी गर्म होने के कारण राहत कर्मियों के लिए वहां काम करना खतरनाक है. एजेंसी इस बात पर भी जोर दे रही है कि ज्वालामुखी में विस्फोट को 72 घंटे गुजर चुके हैं और अब मलबे, राख और गर्म पत्थरों के बीच फंसे लोगों के जिंदा होने की संभावना अति क्षीण है. राष्ट्रीय पुलिस के प्रवक्ता पाब्लो कास्टिलो का कहना है, ‘‘7 जून को बहुत तेज बारिश हुई.... मिट्टी कमजोर पड़ गयी है.’’