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हामिद करजई ने कहा, 'शांति तभी संभव जब सभी अफगानी एकसाथ बैठकर बात करें'

अफगानिस्तान में जारी संघर्ष खत्म करने की कोशिशों को शुक्रवार को उस वक्त झटका लगा जब तालिबान और अफगान अधिकारियों के बीच शिखर वार्ता अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई.

हामिद करजई ने कहा, 'शांति तभी संभव जब सभी अफगानी एकसाथ बैठकर बात करें'
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई. (फाइल फोटो)

काबुल: अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने तालिबान के साथ व्यापक बातचीत के रद्द होने पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि उनके देश में शांति तब तक संभव नहीं होगी जब तक कि अफगानिस्तान के हर तबके के लोग एक साथ बैठकर बात नहीं करें. हामिद करजई ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से बातचीत में ये बातें कहीं. 

बहरहाल करजई ने इस वार्ता के रद्द होने के लिए किसी एक पक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया. उन्होंने अमेरिका से ‘‘सेना को दूर रखने और इसे (बातचीत को) संभव बनाने’’ का अनुरोध किया.

बता दें अफगानिस्तान में जारी संघर्ष खत्म करने की कोशिशों को शुक्रवार को उस वक्त झटका लगा जब तालिबान और अफगान अधिकारियों के बीच शिखर वार्ता अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई.

आखिरी समय में अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई वार्ता
इस सप्ताह के अंत में होने वाली अफगान-तालिबान वार्ता अफगानिस्तान सरकार की ओर से भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या के मुद्दे पर पैदा विवाद के कारण आखिरी समय में अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई.

यह वार्ता ऐसे समय में टली है जब अफगानिस्तान में लगातार खूनखराबा जारी है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, तालिबान अब देश के करीब आधे हिस्से को अपने नियंत्रण या प्रभाव में ले चुका है और पिछले साल 3804 लोग मारे गए थे.

अमेरिका ने जताई निराशा
युद्ध खत्म करने की कोशिशों की अगुवाई कर रहे अमेरिका ने वार्ता टलने पर इशारों-इशारों में अपनी निराशा जताई है और दोनों पक्षों से अपील की है कि वे वार्ता की मेज पर लौटें. हालांकि, आयोजकों ने इस बात के कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वार्ता का कार्यक्रम फिर कब बन सकता है.

वार्ता की मेजबानी करने वाले समूह के प्रमुख सुल्तान बराकात ने एक बयान में कहा कि वार्ता में कौन हिस्सा लेगा, इस पर आम राय बनाने के लिए इसे टालना जरूरी था. सेंटर फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड ह्यूमेनिटेरियन स्टडीज के निदेशक बराकात ने कहा, ‘‘स्पष्ट तौर पर, अभी समय सही नहीं है.’